पत्रकारों के जींस और टी शर्ट पहनने पर जज नाराज-पूछा क्या यही है मुंबई कल्चर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अदालत में जींस, टी-शर्ट पहन कर आनेवाले पत्रकारों पर अपनी नाराजगी जताई। अदालत में चीफ जस्टिस मंजुला चेल्लुर और जीएस कुलकर्णी ने पूछा क्या यह आपका ड्रेस कोड है या मुंबई कल्चर है। यह पहला मौका है जब अदालत ने वहां मौजूद पत्रकारों की ड्रेस पर आपत्ति जताई है।

चीफ जस्टिस मंजुला चेल्लुर और जीएस कुलकर्णी ने यह आपत्ति उस समय जताई जब उनकी बेंच डॉक्टरों के काम से अनुपस्थित रहने वाले मामले की सुनवाई कर रहे थी। इसी बीच जजों की नजर घटना कवर करने आए एक पत्रकार पर पड़ी। जस्टिस मंजुला ने फ़ौरन अदालत में मौजोद पत्रकारों से पूछ लिया कि क्या यही पत्रकार का ड्रेस कोड है।

चीफ जस्टिस मंजुला चेल्लुर पत्रकारों की उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा कि पत्रकारों को अदालत में शिष्टता कायम रखनी चाहिए और सवाल किया क्या यह मुंबई कल्चर का हिस्सा है। पत्रकार जींस, टी-शर्ट पहन कर कैसे कोर्ट चले आते हैं। इतना ही नहीं  उसके बाद उन्होंने मुंबई सिविक बोर्ड के वकील से पूछा कि क्या यह पत्रकारों का ड्रेस कोड है। चीफ जस्टिस के इस सवाल पर वकील एसएस पकेले ने कोई जवाब नहीं दिया।

हालांकि अदालत के जज की तरफ से ऐसी कोई टिप्पणी पहली बार आई है। इससे पहले मुंबई के कॉलेज कैम्पस, मंदिर आदि में जींस, टी शर्ट पहनकर जाने वालों को रोकने जैसी मामले सामने आते रहे हैं।


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