Maharashtra : ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 8वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 5,947 स्कूल खुले, कोरोना प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

Image Credit : Economist

महाराष्ट्र (Maharashtra) के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण बंद कम से कम 5,947 स्कूल गुरुवार को कक्षा 8वीं से 12वीं के छात्रों के लिए कोरोनो वायरस सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ फिर से खुल गए.

राज्य सरकार ने ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षाओं को फिर से शुरू करने के बारे में एक अधिसूचना जारी की थी जहां से कोविड-19 के नए मामले नहीं आ रहे हैं. राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के उप निदेशक विकास गराड (Vikas Garad, Deputy Director, Maharashtra State Council of Educational Research and Training) ने बताया कि राज्य में कुल 19,997 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल हैं, जहां कक्षा 8वीं से 12वीं तक 45,07,445 छात्र पढ़ते हैं. इन 19,997 स्कूलों में से ग्रामीण क्षेत्रों में 5,947 स्कूल गुरुवार को फिर से खुला गया है. उन्होंने कहा कि पहले दिन कुल 4,16,599 छात्र स्कूलों में आए.

आपको बता दें, मुंबई में कोरोना के मामले स्थिर नज़र आ रहे हैं पर राज्य के कई शहरों में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना के इन बढ़ते मामलों के अलावा महाराष्ट्र में बढ़ते ब्लैक फंगस के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं.

महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में ब्लैक फंगस (Mucormycosis) के अब तक कुल 9,268 मामले सामने आए हैं और ब्लैक फंगस की वजह से 112 लोगो की मौत हुई है. ब्लैक फंगस से 5091 लोग ठीक होकर अपने घर लौट गए हैं और अभी 2900 लोगों का इलाज चल जारी है. ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले नागपुर (Nagpur), पुणे (Pune), औरंगाबाद (Aurangabad), नाशिक (Nashik) , सोलापुर (Solapur) और मुंबई (Mumbai) से आ रहे हैं. ब्लैक फंगस के मामलों में मृत्यु दर करीब 12 प्रतिशत है.


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