EXCLUSIVE :तो क्या जेल में मारपीट के बारे में झूठ बोल रही

कैदी मंजुला शेट्टे की मौत के बाद अदालत में इंद्राणी मुख़र्जी ने ये कहकर सबको चौंका दिया था की जेल अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की है। 

इंद्राणी ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में एक याचिका दायरा कर जेल कर्मचारियों के खिलाफ आरोप लगाया था। इंद्राणी मुख़र्जी ने अदालत में अपनी चोटें दिखाते हुए जेल प्रशासन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। अदालत ने इन्द्राणी के आरोप को बेहद गंभीरता से लेते हुए मामले के जांच के आदेश दे दिए थे। 

लेकिन अब जो मेडिकल रिपोर्ट लीड इंडिया के हाँथ लगी है वो इन्द्राणी के दावों पर कई सवाल खड़े करती है। अब सवाल ये की क्या मेडिकल रिपोर्ट के साथ छेड़ छड़ की गई है या फिर इन्द्राणी झूट बोल रही थी ये अब तक साफ़ नहीं है। इंद्राणी की जो मेडिकल रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक़ उन्हें  ‘मामूली’ चोट लगी और जिन चोटों का इंद्राणी ने ज़िक्र किया था वो चोट पुरानी है। 

अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सरकारी वकील ने पूरे मामले की फिर से जांच की मांग की है। वहीँ जेल प्रशासन ने भी इंद्राणी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है की जेल में इंद्राणी ने ही दूसरी कैदियों को भड़काया था। जिसके बाद महिला क़ैदी उग्र हो गयीं और प्रदर्शन करने लगीं। वही दूसरे बंदियों और क़ैदियों को बच्चों को आगे करने के लिए कह रहीं थी और जेल प्रशासन के खिलाफ चिल्ली पाउडर का इस्तेमाल कर के लिए कहा था।

वहीँ दूसरी तरफ इंद्राणी मुखर्जी और जेल में बंद दूसरी महिला कैदियों के खिलाफ दंगा भड़काने के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। अब तक इस मामले में क्राइम ब्रांच छह महिला जेलकर्मियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।


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