फर्जी वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी

क्या ? किसी भी दफ्तर को एक स्मार्टफोन के जरिये चलाया जा सकता है। मुंबई की एक महिला पर आरोप लगा है की लोगों को वीजा दिलाने के नाम पर उसने लोगों को लाखों रूपए का चुना लगाया है। और ये पूरा फर्जी वीजा रैकेट का दफ्तर बस एक स्मार्ट फ़ोन के जरिये चला रही थी। कुछ लोगों ने मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में एक महिला के खिलाफ फ्रॉड का मामला दर्ज कराया है।

ये स्मार्टफोन पर चल चला रही थी फर्जी वीजा ऑफिस, लगाया 5.7 लाख का चूना

दक्षिण मुंबई के पॉश इलाक़े में रहनें वाली महीला टीना अजिंक्य के ख़िलाफ़ 22  मई को शिकायत दर्ज कि गई है। महीला पर आरोप है की उसनें अमेरिका का दस साल का टूरिस्ट वीजा दिलाने के नाम पर करीब 15 से 20 लोगों से 6 लाख रूपए ऐंठे है। टीना लोगों से बताती थी को वो अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के लिए काम करती है। वीजा दिलाने के नामपर उनसे पैसे ऐंठती थी.आरोप के मुताबिक, टीना यूएस वीजा के नाम पर लोगों के फिंगर प्रिंट अपने मोबाइल में लेने का दिखावा करके है। हर एक अप्लीकेंट से 11,200 लेती थी।

ये स्मार्टफोन पर चल चला रही थी फर्जी वीजा ऑफिस, लगाया 5.7 लाख का चूना

वहीं इस आरोप के बाद टीना में सफ़ाई दी है। टीना का कहना की मैंने चेक के ज़रिए कई लोगों के पैसे पहले ही वापस कर दिया है। फिर इसमें चिटींग की बात कंहा आती है। जो आरोप मुझ पर लगाए हैं वो सब झूठे हैं। मैं बस लोगों को वीज़ा दिलानें में मदद करती थी। लोगों को मैंने कभी नहीं कहा की मैं यू एस कॉउसलेट में काम करती हुँ।


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