कलेजे के टुकड़े को लेकर दर दर भटकता रहा एक बाप

एक बाप ने आप को इतना असहाय महसूस नहीं किया होगा। वो महज़ 3-4 घंटे पहले पैदा हुए बच्चे को लेकर एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल भटकता रहा। जिस अस्पताल में जहाँ उसकी पत्नी की डिलीवरी हुई उसने ये कहते अपने हाँथ खड़े कर दिए की उनके यहाँ बच्चे के इलाज के लिए ज़रूरी सुविधा नहीं है। बाप ने अस्पताल से बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी ली, लेकिन अस्पताल के बहार उतारकर ही वो भाग खड़ा हुआ।

three days

क्या था मामला ?

मुंबई के रामतिलक पतवा की पत्नी ने भायंदर के भीमसेन जोशी हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन जन्म के भीमसेन जोशी हॉस्पिटल डॉक्टरों ने उसे बताया की बच्चे की हालत ठीक नहीं है। क्यूंकि जन्म के बाद से ही बच्चा रोया नहीं है उसे फ़ौरन दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ेगा क्यूंकि उनके अस्पताल में एनआईसीयू नहीं है। उसे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने इलाज की सुविधा न होने का हवाला देते हुए उसे कांदिवली के शताब्दी हॉस्पिटल जाने को कहा।

इसके बाद रामतिलक अपने बच्चे को एक एंबुलेंस में लेकर शताब्दी हॉस्पिटल पहुंचा। शताब्दी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जब बच्चे की जांच की तो सब कुछ नार्मल पाया गया। बच्चे को नार्मल पाए जाने के बाद उसे दोबारा भायंदर के अस्पताल में अपने मां के पास ले जाने के लिए कहा। जब रामतिलक पतवा ने बहार आकर देख तो एंबुलेंस को वापस बुला लिया गया था। वहीँ अपनी गरीबी की दुहाई देकर राम तिलक ने शताब्दी के डॉक्टरों से अपने बच्चे के लिए दूसरी एम्बुलेंस देने की अपील की। लेकिन बजाय उसकी मदद करने अस्पताल ने उसे बच्चे को ट्रेन से ले जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

गरीब बाद रामतिलक अपने 3 से 4 घंटे पहले पैदा हुए बच्चे को लेकर जब स्टेशन पहुंचा तो लोग उसे शक की नज़र से देखने लगे। जब ट्रेन में चढ़ा तो यात्रियों उसे पकड़ लिया और उसकी गोद में मौजूद नवजात को लेकर तरह तरह के सवाल पूछने लगे। तब जाकर उसने अपनी आपबीती सुनाई तब सभी को उसकी बातों पर यकीन हुआ। उसकी ये हालत देखकर राम तिलक को एक यात्री ने सीट दी और उसका वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना कर सोशल मीडिया में डाल दिया।

 


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