फिर जेल जा सकते हैं संजय दत्त – महाराष्ट्र सरकार

संजय दत्त एक बार फिर मुश्किल में पड़ सकते हैं। बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने जेल से उनकी जल्‍दी रिहाई पर महाराष्‍ट्र सरकार से जवाब माँगा था। जिसका  महाराष्ट्र सरकार ने हलफनामा दायर किया है और कहा है कि संजय दत्त कि रिहाई में कहीं भी नियमों कि अनदेखी नहीं कि अगर अदालत को फिर भी लगता कि कहीं कोई गलती हुई तो कोर्ट उन्हें वापस जेल भेज सकती है।  
 
जिसके जवाब में दो जजों आर एम सावंत और साधना जाधव कि बेंच ने कहा कि, अदालत का मकसद उन्हें वापस जेल भेजने का नहीं है बल्कि ये जानने का है कि क्या संजय दत्त को सज़ा से पहले रिहा करने पर नियमों कि कहीं कोई अनदेखी तो नहीं की गई थी। इसके साथ अदालत ने पांच साल की सजा के दौरान कई बार संजय दत्त को फर्लो देने पर भी सवाल खड़े किये हैं। 
 
अदालत ने कहा की पांच साल की सजा काट रहे संजय दत्त को कई बार लंबी लंबी छुट्टियां दी गयीं हैं। ये कैसे मुमकिन है ? जबकि जेल में कई ऐसे सज़ायाफ्ता क़ैदी बंद हैं जो काफी वक़्त से पैरोल का इंतज़ार कर रहे। लेकिन उनके मामले कहीं भी कोई भी जल्दी नहीं दिखाई गई, ऐसा क्यों ? 
 
सरकार की तरफ से इसका जवाब देते हुए एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोनी ने बताया की, सरकार और जेल अथॉरिटी ने वक़्त वक़्त पर दूसरे क़ैदियों को भी छुट्टियां दी हैं। फर्लो और पैरोल के लिए क़ैदियों का अच्छा आचरण हमेशा से देखा जाता है और संजय दत्त का आचरण हमेशा अच्छा रहा है। 
 
ये पूरा मामला अभिनेता संजय दत्त को 1993 के सीरियल बम विस्फोटों के मामले में जेल से जल्द रिहा करने से जुड़ा है। दत्त को हथियार रखने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई गयी थी। ये हथियार 1993 के विस्फोटों में इस्तेमाल खेप का हिस्सा थे।

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