गोलियों की तड़तड़ाहट से कांपा पुणे, 48 घंटों में 3 शूटआउट

मुंबई से सटे पुणे शहर में पुलिस नाम की चीज़ बची है या फिर पूरे शहर को अपराधियों ने अपने कब्ज़े में ले लिया है । ये सवाल आज हर पुणेकर शहर की पुलिस और सरकार से जानना चाहती है। क्यूंकि जिस तरह से पिछले 48 घंटों के अंदर शहर में अपराधियों ने खौफ फैलाया है उसके बाद क़ोई घर से बाहर निकलना तक नहीं चाहता है।

पुणे में पिछले दो दिनों से अपराधियों ने दहशत फैला रखा है। शहर में 48 घंटे में सरेआम 3 शूटआउट के वारदात हुए हैं, जिसमें 2 गैंगवॉर था तो तीसरी वारदात में अपराधियों ने शिवसेना के ३४ वर्षीया कार्यकर्ता पर अंधा धुंद गोलियों की बौछार कर दी। हालांकि इस गोलीबारी में शिवसेना कार्यकर्ता बाल बाल बच गया, घटना पुणे के बोसरी इलाके का है।

पुणे पुलिस के अनुसार, 48 घंटो में जो 3 शूटआउट का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है. दो मामले गैंगवॉर के हैं जबकि तीसरा जो शिवसेना के पूर्व कर्मचारी विजय पांडुरंग घोलप पर जो हमला हुआ है उसकी तफ्तीश कर रही है।

पहला शूटआउट गुरुवार को हुआ जिसमे 25 वर्षीया पप्पू उर्फ़ सुशांत लछ्मण सतपुते पर हुआ है , इस शूटआउट में उसकी मौत हो गयी है। दूसरे शूटआउट में 33 वर्षीया गैंगस्टर संतोष अशोक क़ुरावत पर उस वक़्त हमला हुआ जब वो पिम्परी के साधु वस्वानी गार्डन के पास चाय पी रहा था। अशोक क़ुरावत मामले में पुलिस 4 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

तीसरा हमला शिवसेना के पूर्व कर्मचारी विजय पांडुरंग घोलप पर चलाई गयी। विजय अपनी खुदकी फ़र्सन की दुकान चलाते हैं। जब सुबह वो अपनी दुकान खोल रहे थे तभी पीछे से 2 अंजान व्यक्ति हेलमेट पहने हुए  बाइक पर आए और  विजय पर 5 गोलियां चलाई। जिसके चलते विजय बुरी तरह घायल हो गया। पुलिस आईपीसी 302 और 307 के तहत  मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गयी है।


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