हादसे के पुरे दस महीने बाद फिर शुरू हुआ महाड़ ब्रिज

2 अगस्त 2016  की वो काली रात तो याद होगी आपको। जब आधी रात में मुंबई से रायगढ़ ज़िले को जोड़ने वाली महाड ब्रिज ने रातो रात कई गाड़ियों सहित सावित्री नदी में समाधी ले ली थी। इस हादसे में तीस लोगों की मौत हो गई और न जाने कितने आज भी लापता हैं। 

अब पूरे एक साल बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले के महाड़ में सावित्री नदी पर बने नए पुल का उद्घाटन किया है। हादसे के बाद सरकार ने आनन फानन में 165 दिन के रिकॉर्ड समय में  इस इस ब्रिज को तैयार किया है। और इस बनाने  35.77 करोड़ रुपये की लागत लगी है। हादसे के बाद सरकार ने इस पुल के स्थान पर 6 महीने के भीतर नया पुल बनाने की घोषणा की थी। इस नए पूल की चौड़ाई करीब 16 मीटर है जबकि लम्बाई 239 मीटर। इस पर ख़ास तौर से फुटपाथ, बाढ़ चेतावनी प्रणाली और लाइट्स की वस्था की गई है। इसे बनाने में रस्ट प्रूफ लोहे का इस्तेमाल किया गया है।

करीब दस महीने पहले, पिछले साल 2016 अगस्त को यह ब्रिज टूट गया था और इसमें 30 लोग मारे गए थे। हादसे में एक पूरी बस बह गई थी जिसमे कई यात्री सवार थे। इस हादसे के बाद बस और शवों को तलाशने के लिए 300 किलो का चुंबक क्रेन लगाया गया था। इसके इलावा शवों को खोजने के लिए वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर, नौसेना के सीकिंग-42सी व सीकिंग-42बी हेलिकॉप्टर और तटरक्षक बल के चेतक हेलिकॉप्टर से लापता लोगों, वाहनों को खोजने का काम कई दिनों तक चला था।

हादसे में 44 लोगों के बहने की आशंका थी, लेकिन सिर्फ 30 लोगों के ही शव मिले। इस दुर्घटना में 80 फीसदी पुल टूटकर गिर गया था। इसी पुल के बगल में 1999-2000 में एक नया पुल बनाया गया था। नए पुल की लंबाई 184 मीटर और चौड़ाई 9.10 मीटर है।


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