हम बहनें दरिंदो के चंगुल में फंसे है बचा लो ! मोदी जी

ह्यूमन ट्रैफिकिंग और वैश्यवृत्ति एक ऐसा नासूर है जो मासूम लड़कियों की जिंदगी को जहन्नुम बना देता है। इस नर्क से कुछ निकल पाती है तो कुछ वही जीते जी लाश बन जाती हैं। वो कहने के लिए ज़िंदा तो होती हैं लेकिन सांसें भी दलालों के इशारे पर ही लेती हैं। जो इस दलदल में फँसी रह जाती है उनका जीना और मरना जिस्म के सौदागरों के हाथ में ही होता है। इसी दलदल में फँसी एक लड़की किसी तरह बाहर तो गई है। लेकिन उसे लगता है की जिस्म के सौदागर कभी भी उसे ख़त्म कर सकते हैं। अब उसने अपने और अपनी जैसी कई बहनों के लिए न्याय की गुहार लगाई है। लड़की ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र से मदद मांगी है। उसने प्रधानमंत्री के नाम दो पन्नो का दर्द भरा एक खत और अपनी राखी भेजी है। प्रधानमंत्री मोदी जी को “भाई “सम्बोधित करते हुए उनसे अपने खत में अपना दर्द बयाँ किया है।

प्रधानमंत्री को खत लिखने वाली लड़की है 24 साल की तवी , जो कोलकत्ता के एक छोटे से गाँव की रहने वाली है। और उसे हाल में ही एक रेड लाइट एरिया से छुड़ाया गया है। अब बाहर आने के बाद वो वहां फँसी और लड़कियों की मदद करना चाहती है। इसी लिए उसने सीधे प्रधानमंत्री से मदद मांगी है। तवी ने अपने खत में प्रधान मंत्री को लिखा है कि,

मेरे प्रिय भाई

मै मुंबई से तन्वी हूँ ,मै बहुत खुश हू की विजया ताई के माध्यम से मेरा संदेश रक्षाबंधन पर आपके पास पहुंच रहा है मै आपको और सरकार को बहुत कठिन परिस्थितियों में मुझे बचाने  के लिए धन्यवाद देना चाहती हूँ। मै 6 साल से मानव तस्करी का शिकार थी एक वेश्यालय में बेच दिया गई थी और मेरा जीवन नरक था मुझे मारा पिटा  जाता था और दुरव्यवहार किया जाता था और एक जानवर से भी बुरा व्यवहार किया जाता था। मुझे लगता था की मै वेश्यालय में ही मर जाऊंगी।

एक दिन मुंबई पुलिस और आईजेएम संगठन ने मुझे अँधेरे जगह से बचाया और मुझे एक नया जीवन दिया।आज मै स्वतंत्र रूप से रह रही हूँ मै एक वस्त्र कारखाने में काम कर रही हूँ मै सम्मान का जीवन जी रही हूँ ।मेरी मदद करने के लिए मै सरकार ,पुलिस और आईजेएम का  बहुत आभारी हूँ।

आप सभी मदद के कारन मुझे एक नया जीवन मिला है ।

हाल ही में मुझे एक अंतराष्ट्रीय सम्मलेन में विजया ताई ,महाराष्ट्र राज्य महिला आयुक्त द्वारा आमंत्रित किया गया था  और मेरे साहस के लिए सम्मानित किया गया मै उन सभी सम्मानों लिए बहुत आभारी हूँ जो मुझे सबके द्वारा दिया गया था।रक्षाबंधन के इस दिन मै आपसे अनुरोध करती हूँ की मेरी तरह लड़कियों की मदद करना जो अभी भी वेश्यालय में फंसी पड़ी है। इन लड़कियों को कुचल दिया जाता है , महिलाओ की पुरुषो की तुलना में कम व्यवहार किया जाता है। आप इन सभी महिला के भाई है ,और मै आपसे अनुरोध करती हूँ की आप उन सभी बहनो की रक्षा करे।मै आपके लंबे जीवन और ख़ुशी लिए प्रार्थना करती हूँ।

रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

छुड़ाई गई तवी ने बताया कि, उसे 6 साल पहले यानी जब इसकी उम्र महज़ 18 साल थी तभी वो ह्यूमन ट्रेफिकिंग का शिकार हुई। उसे किसी और ने नहीं बल्कि खुद उसके ही ब्यावफ्रेंड ने मुंबई के ग्रांट रोड {कमाठीपुरा } रेड लाइट एरिये में लाकर बेच दिया था। उसके बॉयफ्रेंड ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर मुंबई लाया था। देखते ही देखते उसकी ज़िन्दगी नर्क में बदल गई। कमाठीपुरा के एक वैश्याघर में उसे बेचा गया था। जब उसने शुरुआत में धंधा करने से मना किया तो इसको एक हफ्ते तक अँधेरे कमरे में छोड़ दिया गया था। दलाल उसे रस्सी से बाँध कर रखते थे, जहाँ न तो लाइट थी और न ही उसे खाना पीना दिया जाता था। शुरू में तो वो उनके ज़ुल्म सहती रही मगर एक हफ्ते बाद हार मान ली। फिर शुरू हुआ उसके साथ बर्बरता ज़्यादती का असली खेल। उम्र ज़्यादा और जवान दिखाने के लिए उसे हर रोज़ कई कई इंजेक्शन दिए जाते थे। जबरन उसे भूखे भेड़ियों के आगे छोड़ दिया जाता था।

6 सालों तक इसे कैद कर वैश्यावृति कराई गई। मना करने पर जानवरों की तरह मारा जाता था। वह अकेले नहीं बल्कि उसके जैसी कई और लड़कियों भी उनके चंगुल में फँसी हैं। अगर उन्हें जल्द नहीं छुड़ाया गया तो वो जीते जी ज़िंदा लाश बन जाएंगी।

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहतकर राखी के मौके पर PM मोदी से मिली जहा उन्होंने तवी की राखी और दो पन्नो का खत मोदी जी को सौंपा है। प्रधानमंत्री ने भी तवी कि दास्तान सुनी है और ये भरोसा दिलाया है वो इस बाबत जल्द ही सख्त क़दम उठाएंगे।


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