ईमारत के लोगों का आरोप हथियार के बल पर धमकाता था शिवसेना नेता

मुंबई के घाटकोपर इलाके में ज़मींदोज़ हुई इमारत में मुंबई पुलिस ने शिवसेना नेता सुनील शितप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे आज अदालत में पेश किया जिसके बाद उसे 2 अगस्त तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। शिवसेना नेता पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि, सुनील शितप ने बिना अनुमति इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कराया था। उन्होंने बिल्डिंग के पिलर के साथ छेड़छाड़ की जिससे ईमारत की नींव कमज़ोर हो गयी और वो भरभरा के दह गई। वही अदालत में शितप ने खुद को बेगुनाह बताया है। उसके मुताबिक़ उस इमारत में उसका तीन फ़्लैट है और उसने अनुमति लेने के बाद ही काम शुरू किया था। मुंबई पुलिस ने शिवसेना नेता को ईपीसी सेक्शन- 283/17 के 304 (2), 336 और 338 के तहत गिरफ्तार किया है।  

अदालत में सुनील शितप के वकील शरीफ ने कहा कि, शितप ने कहीं भी कोई छेड़छाड़ नहीं कि है। बिल्डिंग में अवैध निर्माण नहीं किया है। बिल्डिंग काफी पुरानी थी और जर्जर हो चुकी थी। जिसकी वजह से ये हादसा हुआ।

शिवसेना नेता की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारी भी सामने आ रही। खुद सत्ता पार्टी के विधायक राज पुरोहित ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने विधान सभा में इसकी जानकारी दी की शितप ने लोगों का इलाके में जीना हराम कर रखा था। उसने अवैध तरीके से इमारत के साथ छेड़छाड़ की है।  और जब वहां रहने वाले लोगों ने इसका विरोध किया तो उसने हथियार के बल पर उन्हें धमकी देकर चुप करा दिया। वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि शितप ने इमारत के ग्राउंड फ्लोर में डॉक्टर पद्मा खाड़े के साथ मिलकर हॉस्पिटल खोला था। पिछले दिनों से बिल्डिंग के अंदर निर्माण कार्य किया जा रहा था।

इतना ही नहीं पुलिस के फ़ाइल में भी शिवसेना नेता सुनील शितप पहले से ही नामजद है। रिकॉर्ड में उसकी पहचान भू माफिया के तौर पर है। केबल का वायर जोड़ने वाला शितप देखते ही देखते लाखों की समपत्ति का मालिक बन गया। इतना ही नहीं इस बार के मुन्सिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव में उसने अपनी पत्नी को खड़ा भी किया था। मगर एमएनएस प्रत्याशी से वो हार गई। 


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