जर्जर इमारतों का जिंदा कब्रिस्तान है ये शहर, 5 लाख से ज्यादा लोग रहने को मजबूर हैं

घाटकोपर इमारत हादसे के बाद एक बार फिर ये सवाल उठे लगा है की,आखिर वक़्त रहते BMC और सरकार क्यों जागती है की ऐसे हादसों को रोका जा सके। जानकारी के मुताबिक़, सिर्फ धाराशाही होने वाली साई दर्शन बिल्डिंग ही इकलौती नहीं है। आर्थिक राजधानी मुंबई जर्जर इमारतों का एक ऐसा जिंदा कब्रिस्तान है। जहाँ आज भी तकरीबन 5 लाख से ज्यादा लोग रहने को मजबूर हैं। एक सर्वे के मुताबिक मायानगरी में तकरीबन 16 हजार इमारतें जर्जर हैं। फिर भी उन्हें बंक और सरकार खाली नहीं करा पा रही है। वजह है सरकार के पास इन इमारतों के लिए कोई पुख्ता नीति नहीं है। 

ऐसी ही एक इमारत है मुंबई के दहिसर पूर्व इलाके में। इमारत 45 साल पुरानी है और इतनी जर्जर हो चुकी है की कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से मनपा ने उन्हें नोटिस भी दे दिया है। साथ ही बिल्डिंग का पानी और बिजली का कनेक्शन भी काट दिया है। वहां रहने वाले 90 परिवार ने अपने फ़्लैट को खाली कर दिया है। लेकिन 10 लोग आज भी घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सिर्फ इस लिए की नोटिस देकर घर तो खाली करने को कह दिया गया मगर सरकार ने उन्हें कोई दूसरा कोई पर्याय नहीं दिया। ऐसे में उनका यही सवाल है की जाएँ तो जाएँ कहाँ। 

उसी ईमारत में रहने वाली राबिया सिद्दीकी कहती हैं की, घर मे लाइट नही और नल में पानी नही इसके बावजूद मजबूरी में इस घर मे रहते है। क्यूंकि उनके पास न तो कोई दूसरा ठिकाना है और न ही हैसियत की वो कहीं और जा कर रह सकें। कब यह ईमारत गिर जाए इसका कोई ठिकाना नहीं है यही वजह है कि मेरा पूरा परिवार हर वक़्त डरा हुआ रहता है।

25 जुलाई को मनपा आर उत्तर विभाग ने बिल्डिंग को नोटिस देकर खाली करने के लिए कहा है। साथ ही मनपा ने इस बिल्डिंग का पानी और बिजली का कनेक्शन नहीं काट दिया गया है। मनपा की नोटिस के बाद से 90 फ़्लैट धारक ने अपना फ़्लैट खाली कर दिया है जबकि अभी दस फ़्लैट धारक रह रहे है। 

मनपा ने नोटिस में लिखा है की आप सब अपना फ़्लैट खाली कर दें। 1 अगस्त को पुलिस बंदोबस्त के साथ ईमारत को खाली कराकर तोड़क कार्यवाही की जाएगी। वहीँ रहने वाले इन लोगों का कहना है कि, उनके पास रहने के लिए जगह नहीं है। वो कहाँ जाएँ ? 

इस मामले में सहायक मनपा आयुक्त संध्या नांदेडकर ने कहा कि 2013 से मनपा ने इस बिल्डिंग को नोटिस दे रखी थी। बिल्डिंग के लोग कोर्ट में चले गए जहाँ कोर्ट ने भी ईमारत को तोड़ने पर अपनी सहमति जताई। 25  जुलाई को नोटिस देने के बाद बिल्डिंग का पानी और बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है। 1 अगस्त को ईमारत पर तोड़क कार्यवाही की जाएगी।


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