क़र्ज़ में डूबे किसान को बचाने के लिए बेटी ने कर ली ख़ुदकुशी

बेटी की शादी के लिए पहले से क़र्ज़ में डूबे एक किसान पिता को और क़र्ज़ न लेना पड़े यही सोंचकर, खुद बेटी ने अपनी ज़िन्दगी ही ख़त्म कर ली। अंदर तक झगझोर देने वाली ये घटना महाराष्ट्र के परभणी की है। जहाँ एक बारहवीं की पढ़ाई कर रही एक बेटी ने अपने पिता को बचाने के लिए खुद अपनी ही ज़िन्दगी ख़त्म कर ली। ताकि उसके पिता को उसके मरने के बाद उसकी शादी के लिए और कर्ज ना लेना पड़े।

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18 साल की सारिका झुटे बारहवी की पढ़ाई कर रही थी। पिता किसान हैं और उनपर बैंकों और साहूकारों का काफी क़र्ज़ था और उसपर से  पिछले कुछ महीनों से बारिश नहीं हो रही थी। तगादेदार रोज़ घर पर आ रहे थे बावजूद पिता बेटी की जल्द से जल्द शादी कर देना चाहते थे। सारिका को लगने लगा था की क़र्ज़ लेकर शादी करने के बाद पिता सुसाइड कर लेंगे ताकि कर्जदारों से मुक्ति मिल जाए। इससे पहले पिता कोई गलत कदम उठाते खुद बेटी सारिका ने ये सोंचकर ख़ुदकुशी कर ली की अगर वो ही नहीं रहेगी तो पिता को क़र्ज़ नहीं लेना पड़ेगा ।

सारिका ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमे उसने लिखा है कि….

प्यारे पापा, छह दिन पहले आपके भाई यानी मेरे चाचा ने बारिश ना होने से फसल बर्बाद होने पर सुसाइड कर ली थी। आपके ऊपर भी काफी क़र्ज़ हो गया है पूरा परिवार क़र्ज़ तले दबा हुआ है एक तो बारिश नहीं हो रही है और उस पर तक़ाज़ेदार। खेती के लिए आप ने उधार लेकर फसल बोई , लेकिन बिन बारिश के पूरा फसल बर्बाद हो गया है, ये मैं नहीं देख पा रही हूँ। आपने पिछले साल ताई कि शादी की थी, उसकी शादी के कर्ज का बोझ अभी भी कम नहीं हुआ है। आप पर मेरी शादी की भी जिम्मेदारी है। आप पर मैं ज़्यादा बोझ नहीं देख सकती। इससे पहले की आप कोई कदम उठाएं मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रही हूं। आपकी सारिका।

किसान की बेटी कि ख़ुदकुशी का ये कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले महाराष्ट्र के लातूर जिले के भिसेवाघोली में एक किसान के बेटी  शीतल वायाल नामक लड़की ने सिर्फ इसलिए अपनी जान दे दी की उसे लगने लगा था की वो अपने पिता के लिए बोझ बन गई है।


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