किसान ने जीते जी किया अपना अंतिम संस्कार, फिर चिता में कूद की ख़ुदकुशी

महाराष्ट्र सरकार ने भले ही किसानों की कर्जमाफी का एलान कर दिया हो लेकिन किसानों को सरकार पर शायद भरोसा नहीं रहा है। शायद यही वजह है पिछले 48 घंटे में अब तक 6 किसान ख़ुदकुशी कर चुके है। लेकिन नासिक से 70 वर्षीय किसान की ख़ुदकुशी का मामला हैरान करने वाला है।

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क़र्ज़ से बोझ तले पूरी तरह दब चुके एक किसान ने पहले अपनी चिता तैयार की फिर खुद अपना अंतिम संस्कार किया और फिर उस पर बैठकर आग लगा दी। घटना मालेगांव की है, जहाँ 70 वर्षीय किसान सुपडू पवार ने अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ली। परिवार के मुताबिक़ बूढ़े किसान ने अपनी खेती के लिए बैंक से लोन लिया था। फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी थी जिस वजह से वह क़र्ज़ चुका नहीं पा रहे थे। बैंक ने उन्हें नोटिस जारी कर दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिससे वो काफी डर गए थे उन्हें लगने लगा था की अब उनकी ज़मीन भी चली जायेगी। बैंक का क़र्ज़ चुकाने के लिए उन्होंने लोगों से और क़र्ज़ माँगा नगर जब पैसों का इंतज़ाम नहीं हो पाया। हारकर बूढ़े किसान ने अपनी चिता बनाई और उसमें छलांग लगाकर अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर दी।

सुपडू पवार को शायद इस बात का एहसास था की उनके मरने के बाद शायद परिवार के पास उनके अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं होंगे। इसी लिए उन्होंने मरने से पहले खुद अपना क्रिया कर्म कर लिया। घर की चारपाई को उल्टा कर अपनी चिता बनाई और घर में रखी सुखी लकड़ियों का इस्तेमाल किया। पूजा कर अपनी चिता के पास मुरमुरे और कुछ सिक्के भी रखें। जैसा की अंतिम संस्कारों के वक्त होता है।

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