कोपार्डी कांड: सरकारी वकील ने दोषियों के लिए मांगी मौत, कहा जघन्य अपराध है ये

अहमदनगर के कोपार्डी में नाबालिक लड़की के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में सरकारी वकील ने दोषियों के लिए ‘सज़ाए मौत’ की मांग की है। सरकारी पक्ष ने अदालत में कहा की इन आरोपियों ने जिस तरह से इस अपराध को अंजाम दिया था वो जघन्य है। और ऐसे अपराध में शामिल लोग समाज के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इस लिए अदालत इन्हें ऐसी सज़ा दे की ऐसे किसी अपराध को अंजाम देने से पहले कोई कई बार सोंचें। अब अदालत इस मामले में 29 नवंबर कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी। आज कोर्ट में दोषियों के सजा पर बहस पूरी हो गयी। मंगलवार को दो आरोपियों के वकीलों ने सत्र न्यालय में अपना पक्ष रखा था। जहाँ पर पहला आरोपी जिंतेंद्र शिंदे और नितिन भैलुमे का बयान दर्ज किया गया था। बुधवार को कोर्ट में दूसरे दोषी का बयान दर्ज किया गया है। मंगलवार को आरोपी नितिन शिंदे ने कोर्ट में कहा था की उसने लड़की को नहीं मारा है। इसलिए उसे फांसी की सजा नहीं उम्रकैद की मांग की थी। तो वही भैलुमे ने अपने आपको को निर्दोष बताया था।

15 नवंबर को कोर्ट ने जितेंद्र शिंदे,संतोष भवाळ,नितीन भैलुमे को नाबालिक लडकी से गैंग रेप करके हत्या करने के मामले में दोषी करार दिया था। कल जितेंद्र शिंदे ओर नीतीन भैलुमे के वकील ने अदालत आरोपियों की ओर से अपना पक्ष रखा था। आज दुसरे आरोपी संतोष भवाळ के वकील ने आज अदालत में पक्ष रखा था,सरकार की ओर विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने पक्ष रखा था। 13 मुद्दे कोर्ट में पेश किये साथ ही इंदिरा गांधी मर्डर केस ओर भारतीय संसद पर हमले का हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों की तरह ही इस मामले में भी तीनों आरोपींयो ने प्लान करके गैंग रेप ओर हत्या की है। इसलिए तीनों आरोपींयो को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए ऐसी मांग कोर्ट से की है।

बता दे कि कोपार्डी में नाबालिक लड़की से गैंगरेप और हत्या के मामला सामने आने के बाद पुरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन हुआ था। जगह जगह लोग विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने कि मांग कर रहे थे।


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