क्या मुम्बई पुलिस बन गयी है लव गुरु ? गैंगस्टर की करा रही है शादी !

 मुंबई का आर्थर रोड जेल इन दिनों अपराधियों और आरोपियों के सुधारगृह नहीं ऐशगाह बन गया है। हर रोज़ यहाँ एक नयी प्रेम कहानी लिखी जाती है और इन प्रेम कहानियों में खुद मुंबई पुलिस लव गुरु बनकर इसे अंजाम तक पहुंच रही है। ये खुलासा 93 बम धमाके गिरफ्तार हुए आरोपी मुस्तफा दौसा के प्रेम कहानी से हुआ है। मुस्तफा जेल में कई सालों से बंद है, लेकिन जेल में रहते हुए वो न सिर्फ प्यार का खेल-खेल रहा था बल्कि शादी भी और सुहागरात भी बनाया। और ये सब हुआ बिना अदालत के जानकारी के और इसमें उसके मददगार कोई गैंगस्टर या अपराधी नहीं बल्कि खुद मुंबई पुलिस बनी।
 क्या है मामला ?
1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट का आरोपी मुस्तफा दौसा की पत्नी ने अभी हाल ही में दौसा से मिलने से पहले फेसबुक पर अपना स्टेटस अपडेट किया है। जिसके चलते आरोपी मुस्तफा दौसा एक बार फिर सुर्खियों में घिर गया है। दौसा पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद अपनी पत्नी के साथ ट्रैन में सफर करते देखा गया है। वह कोर्ट में मॉडल्स का ऑडिशन लेने,ट्रेन में हनीमून मनाने को लेकर भी विवादों में घिर चुका है।
 -सूत्रों के मुताबिक,दौसा और उसकी पत्नी शबीना खत्री को अहमदाबाद स्टेशन में सौराष्ट्र एक्सप्रेस में देखा गया है। 
-25 दिसंबर को उसे कोर्ट की सुनवाई के सिलसिले में पोरबंदर ले जाया जा रहा था। इस दौरान उसके साथ आर्थर रोड जेल के 8 पुलिसकर्मी भी थे। 
-टाडा कोर्ट ने उसे पोरबंदर ले जाने की इजाजत दी थी। सभी 25 दिसंबर की सुबह 8 बजे मुंबई सेंट्रल से सौराष्ट्र एक्सप्रेस के एस-3 कोच में सफर कर रहे थे। 
-शहर की सीमा से गुजरने से बहुत पहले तक दौसा को उसके कई साथियों के साथ बातचीत करते हुए देखा गया। 
-ट्रेन के अहमदाबाद पहुंचने पर उसकी पत्नी शबीना ट्रेन में घुसी और दौसा के बगल वाली सीट पर बैठ गईं। उस दौरान दौसा अपने साथियों को कुछ निर्देश दे रहा था। 
-अहमदाबाद स्टेशन से ट्रेन के चलते ही सभी पुलिसवाले सीट से हट गए। आरोप है कि पुलिसवालों ने इस खूंखार आतंकी को बिना सुरक्षा घेरा के छोड़ दिया।
-हालांकि,इन आरोपों पर अभी तक मुंबई पुलिस ने कोई भी जवाब नहीं दिया है। 
फेसबुक अपडेट से हुआ खुलासा
-ट्रेन के पोरबंदर पहुंचने के बाद दौसा की पत्नी अचानक गायब हो गई।
-पोरबंदर से दोपहर 3.32 बजे उसने अपने फेसबुक में स्टेटस अपडेट किया है,’लव इन द एयर’।
जिससे जाहिर होता है कि वह उस वक्त दौसा के साथ थी।
पुलिस कस्टडी में शादी और ट्रेन में हनीमून
-पेशे से मॉडल शबीना और दौसा की प्रेम कहानी कई साल तक चली। सबीना को पहली बार देखते ही दौसा को उससे प्यार हो गया था।
-उसने अपने गुर्गों से सबीना के बारे में पता करने को कहा। सबीना एक बिल्डर की पत्नी थी और उसका एक बच्चा भी था।
-जेल से पेशी के दौरान दौसा एक दिन सबीना से मिला और उसे शादी के लिए प्रपोज कर दिया।
-इसके बाद दोनों की कोर्ट में पेशी और जेल में कई मुलाकात हुई और एक दिन दोनों ने निकाह करने का फैसला किया।
-दोनों की शादी बांद्रा कोर्ट में पुलिस वालों की मौजूदगी में हुई। यही नहीं पुलिस ने दौसा को हनीमून मनाने के लिए ट्रेन में एकांत की जगह मुहैया करवाई थी।
 जेल में मॉडल्स ऑडिशन लेने का आरोप
-मुस्तफा दौसा पर कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान मॉडल्स बुलवाने और ऑडिशन लेने का आरोप भी है।
-आरोप है कि दुबई की एक ज्वैलरी दुकान के असाइनमेंट के लिए उसने कोर्ट रूम में आठ मॉडल्स बुलवाए और उनमें से एक का चुनाव किया।
-ऑडिशन में शामिल एक 19 साल की मॉडल ने दौसा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई थी।
-मॉडल का आरोप था कि,आठ में से तीन मॉडल को शॉर्टलिस्ट किया गया,जिनमें वह भी शामिल थी। इसके बाद गैंगस्टर के करीबी ने उसे टोकन अमाउंट के तौर पर एक लाख रुपए दिए।
-मॉडल का आरोप था कि बाद में गैंगस्टर के सहयोगी ने दो लोगों की मदद से उससे वह रकम और एक मोबाइल फोन लूट लिए। ये दोनों लोग पुलिस अफसर की वर्दी में आए थे। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
 1993 मुंबई ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है दौसा
 -मुंबई में मार्च 1993 में सीरियल बम धमाके हुए थे। इसमें 257 लोगों की मौत हुई थी,जबकि 32 करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ था।
-इस मामले में दाऊद इब्राहिम,टाइगर मेमन और मोहम्मद दौसा तीन मुख्य आरोपी हैं। दौसा को 2003 में गिरफ्तार किया गया।
जेल में बंदियों का गॉडफादर है दौसा
-दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाने वाला मुस्तफा दौसा आर्थर जेल रोड में अबू सलेम पर हमला भी कर चुका है।
-जेल में उसका अच्छा-खासा असर माना जाता है। जेल में बंद बहुत सारे बंदियों के लिए वह’गॉडफॉदर’जैसा है।
-वह उन्हें रुपए-पैसों से लेकर कानूनी मदद तक करता है। दौसा काफी पैसे वाला है। मुंबई स्थित मनीष मार्केट,हीरा पन्ना और मुसाफिरखाना इलाके में उसकी कई दुकानें हैं।
-दौसा की पत्नी और दो बच्चों का दुबई में सोने और इलेक्ट्रॉनिक्स का बिजनेस है। आर्थर रोड जेल के एक सूत्र के मुताबिक,दौसा ने 2004 में कोर्ट से इस बात की मंजूरी ली कि वह जेल में शीर-खुरमा खाना चाहता है।
-कोर्ट ने आदेश देते वक्त यह जिक्र नहीं किया कि यह सुविधा सिर्फ उसके लिए है,इसलिए दौसा ने जेल के हर कैदी समेत अधिकारियों को भी शीर-खुरमा खिलवाया।

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