महिलाओं का पॉश टॉयलेट बन गया शराबियों का अड्डा

स्वच्छ भारत के तहत पुणे शहर में बसों के अंदर महिलाओं के लिए कई मोबाइल टॉयलट बनाये गए थे। एक नयी पहल करते हुए पुणे महानगर पालिका ने बंद पड़  चुकी पुरानी बसों के अंदर ये टॉयलेट बनवाये थे। ताकि महिलाओं को कहीं भी किसी तरह कि दिक्कत का सामना न करना पड़े। इन मोबाइल टॉयलेट को बेहद आकर्षक और कलरफुल टॉयलेट बस का रूप दिया गया था। लेकिन यही आकर्षक और रंगीन टॉयलेट शराबियों का अड्डा बन गया है। और पिछले एक महीने में ही पांच में से तीन टॉयलेट्स को लॉक लगा दिया है। बाकी के दो और कहाँ गायब हो गईं, किसी को कुछ पता नहीं है।
पड़ताल में सामने आया है शहर में जितने भी मोबाइल टॉयलेट शुरू किये गए थे सबका यही हाल है। ज़्यादातर टॉयलेट बस के आस पास नशेड़ियों ने अपना  कब्ज़ा जमा लिया है। वो बस के आस पास बैठ कर शराब और नशा करते देखे जा सकते हैं। इसकी पुष्टि भी पड़ताल में हो गई बस के नीचे शराब की कई बोतलें भी दिखाई दीं।
जब इस बार अधिकारियों से सवाल पुछा गया तो किसी के पास इस बात का जवाब नहीं था कि, आखिर इन मोबाइल टॉयलेट को बंद क्यों किया गया? जबकि इसे शुरू करने के लिए काफी खर्च भी किया गया था। बावजूद इसके इसका रख रखाव नहीं किया गया। ज़ाहिर है सरकारी उदासीनता कि वजह से आज इन मोबाइल बस टॉयलेट कि स्तिथि बदहाल हो गई है। इसे शुरू करने के लिए जो दावे किये गए थे वो महज़ दिखावा साबित हुए हैं। जबकि खुद प्रधानमंत्री स्वछता को लेकर हर बार गुहार लगाते रहे हैं और ऐसे में पुणे महानगर पालिका में खुद सत्ता में बैठी बीजेपी का ये रवैय्या प्रधानमंत्री कि कोशिश का साफ़ अवहेलना कर रही है।

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