माँगा पानी मिली मौत… मुंबई में विकलांग की पीट पीट कर हत्या

क्या किसी को मुस्कुराकर देखना गुनाह है ? अगर नहीं तो फिर एक दिव्यांग को मुंबई में भीड़ ने पीट पीट कर क्यों मार डाला। घटना मुंबई के चारकोप इलाके की है। जहाँ 25 वर्षीय सजंय टिरके को 10 से 12 लोगों की भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला। संजय दिव्यांग है और उसपर आरोप था की उसने एक लड़की को मुस्कुराकर देखा और काफी देर तक उसे टकटकी लगाकर देखता रहा। लोगों ने खुद ही तय कर लिया वो उस लड़की से छेड़छाड़ कर रहा है। 

मुंबई पुलिस के मुताबिक़,संजय टिरके नाम का युवक दिमागी तौर पर ठीक नहीं है। वो भटकते भटकते ब्रेकर नगर के विश्वदीप अपार्टमेंट के पास चला गया जहाँ मोहिते परिवार रहता है। उस रोज़ परिवार में कोई समारोह था, सुनील ने उनकी बीस साल की बेटी तेजस्विनी मोहिते पीने के लिए पानी माँगा और वो उसे देखकर मुस्कुराता रहा। वहां मौजूद लोगों को लगा की संजय उसे छेड़ रहा है। इसके बाद उसकी पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के बाद लोगों ने उसे सड़क पर फेंक दिया। पिटाई से बुरी तरह जख्मी संजय शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

पुलिस ने  इस मामले में, लड़की के पिता सुनील मोहिते और भाई समेत कुल छह लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 34 के तहत मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

वहीँ संजय के भाई की मानें तो, संजय का दिमागी हालत ठीक नहीं थी। ये पूरे इलाके में लोग जानते थे,अक्सर वो पानी के लिए किसी के भी घर में घुसकर पानी मांगता था। उसे पुरुष और महिला की समझ नहीं थी वो अक्सर लोगों को टकटकी लगाकर देखता था और मुस्कुरानी की आदत थी। फिर भी इन लोगों ने उसकी नृशंस हत्या कर दी।

 


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