मिसाल है ये शख्स, अपनी ज़मीन बेचकर भर रहा है किसानो का क़र्ज़

महाराष्ट्र में किसानों की ख़ुदकुशी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. मराठवाड़ा से विदर्भ तक क़र्ज़ और सूखे से परेशां हर रोज़ कोई न कोई किसान ख़ुदकुशी करके अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर रहा है. विपक्ष कर्जमाफी के नाम पर अपनी राजनीति करने में जुटा है तो सरकार नए नए तरीके ढूंढ़कर इस मामले को टालने में लगी है. ऐसे में किसान के सामने भी कोई विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है. 

लेकिन कोई तो है जो नहीं चाहता की किसान इस तरह से अपनी ज़िन्दगी बिना लड़े ख़त्म कर दे. जो काम सरकार नहीं कर पायी अब एक समाजसेवक कर रह है. उस्मानाबाद के एक समाजसेवक विनायक राव पाटिल जो काम कर रहे हैं शायद ही कोई नेता ऐसा सोंच भी सकता है. विनायक राव पाटिल किसानों क़र्ज़ से मुक्ति दिलाने के लिए अपनी ज़मीन बेच कर उन्हें कर्जमुक्त करने में जुटे हैं. उन्होंने तय किया है की वो खुद की 10 एकड़ जमीन बेचेंगे और उस्मानाबाद और यवतमाल जिले के 5 गांव के किसानों को कर्ज से मुक्त कराएँगे.

समाजसेवक विनायक राव पाटिल महाराष्ट्र के लिए कोई नया नाम नहीं है. उस्मानाबाद जिले के कवठा गांव के विनायक राव पाटिल समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ कई आंदोलन में भाग ले चुके हैं. उन्होंने इस पहले जब उस्मानाबाद और लातूर सूखे की आग में जल रहा था तब विनायक राव पाटिल ने किसानों और ग्रामीणों के लिए 5 करोड़ लीटर की वाटर बैंक तैयार कर उस्मानाबाद और लातूर जिले के लोगों की प्यास बुझाई थी. वो कई बार मराठा और मुस्लिम समाज को आरक्षण के लिए भी आंदोलन कर चुके हैं.

समाजसेवक विनायकराव ने उस्मानाबाद जिले के कवठा, एकोडी, बोरी, नागरवाड़ी और मोताला इन 5 गांव के किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने का निर्णय लिया है.


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