मुंबई में गुंडों के डर से अपनें ही घर में क़ैद हुआ परिवार

क्या मुंबई में अपराधी इतनें बेलगाम हो गए हैं की ख़ुद पुलिस भी उनसे ख़ौफ़ज़दा है ? मालवानी पुलिस गुंडों पर कार्यवाही करने की बजाय जो उन गुंडों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाता है, पुलिस उसे ही धमकी देती है। यही वजह है किअब मालवानी के रहने वाले शैलेश राव सिंह और उनके परिजन कुछ छोटे छोटे गुंडों से इस तरह डरे और सहमे हैं कि वो अपने ही घर से बाहर तक नही निकल पा रहे है। आरोप है की पुलिस भी गुंडों पर कार्यवाही करने की बजाय पीड़ित शैलेश और उसके ही परिवार को धमकियां दे रही है।

शिकायत के मुताबिक़, शनिवार रात को मालवानी के अक्सा इलाके में रहने वाले 22 साल के शैलेश राव सिंह के घर के पास कुछ असामाजिक तत्व आकर गाली गलौज कर रहे थे। और जब शैलेश ने घर के बाहर आकर उनका विरोध किया तो गाली गलौज करने वाले लोगों ने शैलेस के ऊपर ही जानलेवा हमला कर दिया। उन लोगों में उसकी बेहरहमी से पिटाई कर दी। और तो और धमकी तक दे डाली की आज के बाद अगर वो अपनें घर बाहर निकला तो अगली बार उसे और बुरा अंजाम उठाना पड़ सकता है।

उन गुंडों की धमकियों के बाद शैलेस पुरे परिवार के साथ घर में डर डर के जी रहा है। शैलेश और उसके परिजन को डर हैं की कहीं फिर से वही गुंडे फिर से उस पर या परिवार वालों पर हमला ना कर दे। 

इस घटना के बाद शैलेश के पिता ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस मौके पर पहुचकर शैलेश और कुछ गुंडों को पकड़कर अपने साथ थाने ले गई। लेकिन उन पर कोई ठोस कार्यवाही करनें के बजाय पुलिस ने आरोपीयों के खिलाफ सिर्फ एनसी दर्ज की। उसके बाद शैलेश को पास के ही सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया। लेकिन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स ने शैलेश को ये कहकर अस्पताल से छुट्टी दे दी की उसे कोई गहरी चोट नहीं है। अस्पताल से बाहर निकलते ही शैलेश दर्द के पीड़ा से तडपता रहा।तब उसके पिता ने उसे जोगेश्वरी के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया ।वहां पर पता चला कि शैलेश के पैर में फ्रैक्चर है।

शैलेश के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस को गुंडों पर कार्यवाही करने के बजाय वो हमें ही उलटे धमकी दे रही है। इतना ही नही गुंडे भी पुलिस के सामने हमे धमकी दे रहे हैं,और पुलिस उनको रोकने के बजाय मुखदर्शक बनकर खड़ी है।

शैलेश के पिता ने मांग की है कि जल्द से जल्द सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के ऊपर कार्यवाही की जाए।और इसके साथ पुलिस के आला अधिकारी मालवानी पुलिस अफसर पर कार्यवाही करे।

वही इस मामले में जब पुलिस अधिकारी और अस्पताल प्रशासन से बात करने की कोशिश की गई तो सभी ने बात करने से साफ मना कर दिया।


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