मुंबई में युवकों की नई मुहीम, साइकिल से जा रहे ऑफिस

मुंबई के दफ्तर जाने वाले युवाओं में एक नया जोश है। वो हर रोज़ अपने दफ्तर बेफिक्री से साइकिल से जाते हैं। इनकी संख्या एक दो नहीं बल्कि दो हज़ार के पार पहुँच चुकी है। और ये किसी मामूली जगह काम भी नहीं करते की उन्हें साइकिल से दफ्तर जाना पड़े। ये सभी लोग बड़ी कंपनियों में बड़े पदों पर हैं और उन्हें अपनी ये नई सवारी पसंद भी खूब आ रही है।  

इन युवाओं को साइकिल से ऑफिस जाने के लिए प्रेरित करने वाली हैं फ़िरोज़ा। जो पिछले कई सालों से पर्यावरण के लिए काम करती हैं। उन्होंने ही लगभग चार साल पहले साइकिल टू वर्क अभियान शुरू किया। इसका मक़सद मुंबई की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक पर लगाम लगाना। शहर में इस क़दर गाड़ियां बढ़ चुकी हैं की सड़क पर चलना तो दूर सांस लेने तक में दिक्कत हो रही है। अगर वक़्त रहते है इसे नहीं रोका गया तो स्तिथि और भयावह हो सकती है। 

मुंबई के दो हजार युवा साइकिल से जा रहे ऑफिस, सोशल मीडिया से मिला समर्थन

इसे ही कुछ हद्द तक संभालने के लिए फ़िरोज़ा ने साइकिल टू वर्क अभियान की शुरुआत की थी। आज इस अभियान से सोशल नेटवर्किंग साइट के ज़रिये हजारों युवा जुड़ गए हैं। मुंबई के बड़ी और नामचीन कंपनियों में काम करने वाले युवा रोज़ 10 से 20 किमी तक साइकिल से ऑफिस जाते हैं। 

फ़िरोज़ा के मुताबिक़, जल्द ही नवंबर महीने में नागपुर में साइकिल टू वर्क अभियान शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही कई और बड़े शहर जैसे पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु में यह अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है की आने वाले सालों में  सड़क पर चलना भी दूभर हो जाएगा। ऐसे में लोग तब क्या करेंगे तो इसकी शुरुआत अभी से क्यों नहीं, हम आने वाले हालत के मद्देनजर ही लोगों को साइकिल से ऑफिस जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि जिनका घर और ऑफिस का अंतर दस किमी तक है ऐसे लोग साइकिल से सफर करके ऑफिस तक जाएं। पर्यावरण और प्रदूषण की दृष्टि से भी साइकिल का सफर हमारे लिए लाभकारी होगा साथ ही हम फिट भी रहेंगे। हमारी यही कोशिश अब मुहीम बन गयी है।


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