मुंबई पुलिस कि पहल काम आई, दो घंटे में बिछड़े पिता को बेटी से मिलाया

जब भीड़ भाड़ वाले इलाका साकीनाका में एक बुज़ुर्ग लावारिस हालत में मिले थे तो उन्हें कुछ भी याद नहीं था। पुलिस ने लाख कोशिश कि लेकिन उनका कुछ अता पता नहीं चल पा रहा था। पूरे इलाके में घूम घूमकर बुज़ुर्ग कि जानाकरी जुटाने कि कोशिश हुई, मगर सब नाकाम साबित हुई।  बड़े बड़े अपराधों को सुलझाने के लिए मुंबई पुलिस अपने जिन खबरियों का इस्तेमाल करती हैं उनको भी बुज़ुर्ग के बारे में जानकारी जुटाने के काम पर लगाया पर नतीजा सिफर ही रहा। 

लेकिन सोशल मीडिया ने जो कर दिखाया वो किसी से भी न हो सका। आखिरकार मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया के ज़रिये एक बिछड़े हुए बुजुर्ग पिता को महज 2 घंटे में ही बेटी से मिला दिया। मुंबई पुलिस को इसे अंजाम तक पहुँचाना इतना आसान भी नहीं था। इसके लिए पुलिस को अपने सब हथियारों को किनारे करके टि्वटर, फेसबुक और व्हाटसऐप का सहारा लेना पड़ा। करीब 80 साल के बुज़ुर्ग को भूलने की बीमारी है। और इसी गफलत में वो घर से निकल गए और उन्हें कुछ भी याद नहीं रहा।

मुंबई पुलिस के अधिकारी और साकीनाका थाने के इंचार्ज अविनाश धर्माधिकारी ने बताया कि , पैट्रोलिंग टीम को ये बुज़ुर्ग सड़क के बीचों-बीच खड़े मिले थे। जिससे वहां काफी ट्रैफिक हो गया था। वो काफी डरे सहमे से थे, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसने नाम पता पुछा लेकिन वो बता नहीं पाए। उन्हें थाने लाया गया जहाँ किसी तरह जांच अधिकारी ने उनका नाम पुछा। लेकिन जांच अधिकारी संजय चव्हाण के लिए अभी भी राह आसान नहीं थी। अभी भी उन्हें उनका घर तलाशना था। 

इसके पुलिस ने बुज़ुर्ग कि तलाश में सोशल मीडिया पर कैम्पेन शुरू किया। उनकी तस्वीर पोस्ट कर लोगों से उन्हें पहचानने की अपील की गई। बुज़ुर्ग कि ये तस्वीर फेसबुक और व्हाट्सऐप ग्रुप पर भी डाला गया ताकि कोई उन्हें पहचान सके। यहीं पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब बुज़ुर्ग समीउल्लाह को जानने वाले एक शख्स ने उनकी बेटी मेहजबीन शाह तक खबर पहुंचाई। फ़ौरन मेहजबीनको पिता को मिलने साकीनाका पुलिस थाने पहुंची और इस तरह से सोशल मेडिया के ज़रिये दो घंटे में बिछड़े पिता को बेटी से मिलाया गया।


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