नाशिक में महिलाओं ने शराब की दुकान फूंकी

बिहार की ही तर्ज पर महाराष्ट्र में भी महिलाओं ने शराब के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है. महाराष्ट्र सर्कार के निर्णय के बाद नासिक के सटाना इलाके की करीब 90% दारू की दुकानें बंद हो चुकी हैं. लेकिन बावजूद इसके सटाना इलाके के गांव के नजदीक कुछ लोग फिर भी शराब शराब की दुकान चला रहे थे. सुबह होता नहीं की जो लोग शराब से दुरी बनाने लगे थे वो भी इस दूकान के बहार क़तर में खड़े मिलते थे. दूकान के बाहर ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता था. महिलाओं ने इसकी कई बार शिकायत भी की लेकिन कोई कार्य वाही नहीं की गयी. इस दूकान की वजह से वहां से गुजरने वाली महिलाओं और लड़कियों को दिक्कत होती थी. 

कई बार शराब के नशे में धुत्त शराबियों ने लोगों से बदसलूखी तक की, जिसके बाद इसकी शिकायत पुलिस थाने तक भी पहुंची मगर अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया. कई बार तो खुद महिलाओं ने दुकान मालिक से जाकर रोज़ होने वाली दिक्कतों के बारे में बताया फिर भी इसको बंद नहीं किया गया.

आख़िरकार परेशान महिलाओं ने इसे खुद रोकने का फैसला किया, और सुबह जब दुकान मालिक अपनी दुकान खोल ही रहा था, तभी आक्रोशित महिलाओं ने शराब दूकान पर धावा बोल दिया. महिलाएं लाठी-डंडे से लैस  होकर आयीं थी , इतना ही नहीं शराब दूकान मालिक और उसके गुंडों ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की तो गुस्साई औरतों ने दुकान पर जमकर तोड़फोड़ तो की ही दुकान मालिक भी धुनाई कर दी. साथ ही शराब की दुकान को आग के हवाले कर दिया.

आग की वजह से शराब दूकान में  रखे गैस सिलेंडर और फ्रीज में धमाका हो गया और आग भड़क गई. महिलाओं के गुस्से का इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है की, जब आग बुझाने पहुंची दमकल गाड़ी पहुंची उसे भी वापस लौटा दिया और आग बुझाने नहीं दिया. मौके पर पहुंची पुलिस की भी महिलाओं ने नहीं सुनी और उनसे भी भिड़ गईं. हालांकि पुलिस ने किसी तरह हालात पर काबू किया.


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