नयना पुजारी हत्याकांड- दोषियों को फांसी

सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी हत्याकांड में आखिरकार पूरे आठ साल बाद फैसला आ ही ही गया। पुणे सेशन कोर्ट चार में से तीन को फांसी की सजा सुनाई है जबकि चौथा आरोपी जो सरकारी गवाह बन गया था उसे बरी कर दिया गया। योगेश राउत, महेश ठाकुर एवं विश्वास कदम को दुष्कर्म (376), हत्या (302), आपराधिक साजिश (120बी) एवं 361(अपहरण) सहित भादवि की कई अन्य धाराओं के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई।

नयना हत्याकांड में फैसला, तीन दोषी करार एक बना सरकारी गवाह

8 अक्टूबर 2009 को आरोपियों को दोषियों ने कार में वारदात कहर छोडने के बहाने अगवा कर पीड़िता के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया था बाद में हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। पूरे दो दिन बाद पुणे के जेरवाड़ी के जंगल से नयना का शव बरामद हुआ था। आरोपियों ने नयना के एटीएम से पैसे भी निकाले थे, जिसके बाद सीसीटीवी की मदद से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

murder

Accuse Yogesh Raut in Court (file Pic)

इस पूरे घटना का मुख्य आरोपी ने योगेश राऊत ने पूछताछ में खुलासा किया था की उसे बलात्कार की आदत हो गयी है और वो बार ऐसी वारदात करना चाहता है। बाद में  मुख्य आरोपी योगेश राउत मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक बार अस्पताल ले जाते समय पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था।

nayana family

Nayana Pujari family

पुलिस ने मुख्या आरोपी योगेश पूरे 20 महीने बाद शिरडी से गिरफ्तार किया था। नयना पुजारी के पति अभिजीत पुजारी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की थी।


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