पेड़ पर चढ़ा था खुदकुशी करने, लेकिन दो दिन फंसा रहा अँधेरे कमरे में

न खुदा मिले न विसाले सनम ! ऐसा ही कुछ हुआ वसई के रहने वाले संदीप जाधव के साथ। पत्नी नाराज़ होकर मायके चली गयी थी और परेशान संदीप  ने अपनी ज़िन्दगी ख़त्म करने की ठान ली थी। लेकिन उसके बाद जो कुछ भी हुआ संदीप कभी भी अब ख़ुदकुशी के बारे में नहीं सोंचेगा।   

मुंबई से सटे वसई में रहने वाले संदीप जाधव 29 वर्षीया ने किसी बात को लेकर अपनी पत्नी के साथ झगड़ा कर लिया था। पत्नी भी गुस्से में अपने बच्चों को लेकर मायके चली गयी। पति को लगा की अब वो वापस नहीं आएगी वो टेंशन में आ गया और खूब शराब पिया। शराब के नशे में धुत संदीप ने अपना जीवन समाप्त करने की ठान ली और अपने घर के बगल में एक पेड़ पर रस्सी लेकर फांसी लगाने के लिए चढ़ गए। लेकिन शायद भगवान भी नहीं चाहता था की नशे में धुत संदीप उसके पास आये।  जिस डाल से लटक कर संदीप फँसी लगाने जा रहा था वो कमज़ोर निकला और संदीप बंद पड़े एक बंगले की छत के रास्ते एक बंद कमरे में जा गिरा। 

घर में गिरने के बाद संदीप तकरीबन बंद कमरे में भूखे और प्यासे 24 घंटे तक कमरे फंसे रहे। नशे में होने के कारण संदीप को सूझ ही नहीं रहा था आखिर वह कैसे बंगले की छत से नीचे उतरे। वह रात भर बंगले की छत पर फंसा रहा और उसकी मां उसे इधर-उधर खोजती रही। अगली सुबह जाधव के पड़ोसियों ने उसे देखा और फायर ब्रिगेड की इसकी जानकारी दी। इसकी बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने सीढ़ी के सहारे नीचे उतारा। 

संदीप के रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए। फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने बताया कि 24 घंटे तक बिना खाए रहने के कारण संदीप की तबियत थोड़ी बिगड़ गई थी।उसे वसई के एक सरकारी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। इस घटना के बाद संदीप ने अपनी गलती मानते हुए आगे ऐसा न करने की बात कही है।


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