पिज़्ज़ा के तर्ज पर ड्रग्स की होम डिलीवरी,पकड़ा गया कारोबार का सरगना

कभी सुना है ड्रग्स की होम डिलीवरी। लेकिन मुंबई और उसके आस पास के शहरों में इन दिनों घर बैठे पहुँचाया जो रहा है। वो भी किसी पिज़्ज़ा डिलीवरी के तर्ज पर यानी ऑफर के साथ अगर 20 मिनट में आप तक नहीं पहुंचा तो ड्रग्स फ्री। ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि इस गिरोह के सरगना ने ही किया है। जो अब एंटी नारकोटिक्स सेल की गिरफ्त में है। 

एन्टी नारकोटिक्स सेल के मुताबिक अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी को गिरफ्तार किया है। जिसे इस धंदे का मास्टरमाइंड कहा जा रहा है। अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी ने पूछताछ में बताया है की उसने ड्रग्स के कारोबार में नया तरीका निकला है। आप सिर्फ आर्डर कीजिए ड्रग्स आप जहाँ चाहें 20 मिनट में पहुंचा दी जायेगी। ये इस लिए की इससे पकडे जाने का खतरा काम रहता है। अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी के मुताबिक़, वो अपने एजेंटो के ज़रिये रोज़ 25 से 30 ड्रग्स के कन्साइनमेंट की डिलीवरी पिज़्ज़ा डिलीवरी की तर्ज पर करता था।जिसमे ऑन टाइम डिलीवरी न होने कर कस्टमर को फ्री डिलीवरी की स्कीम रखी गई होती थी।

एंटी नारकोटिक्स सेल के अधिकारी संतोष भालेकर ने बतया कि,बकरी MD ड्रग्स डेढ़ लाख रुपयो के कन्साइनमेंट की डिलीवरी करते रंगे हाथ पकड़ा गया है। अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी का नाम ड्रग्स के काले कारोबार की दुनिया मे एक ऐसा नाम है जिसकी तलाश एन्टी नारकोटिक्स सेल को काफी अर्से से थी। लेकिन हमेशा पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो जाता था। लेकिन इस अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी उस वक्त एन्टी नारकोटिक्स सेल के हत्थे चढ़ गया जब वो ड्रग्स एक कन्साइनमेंट लेकर कॉलेज स्टूडेंट की एक पार्टी में ऑन टाइम डिलीवरी के लिए रवाना हुआ था। 

इंस्पेक्टर संतोष भालेकर के मुताबिक, पठान गैंग का सरगना अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी बहुत यूनिक तरीके से अपने ड्रग्स के कारोबार को ऑपरेट कर रहा था। अब्दुल गनी अपने कारोबार के ठिकानों के लिए धराशाही हुई बिल्डिंग्स या फिर ऐसी जर्जर इमारतों की तलाश करता था जो पूरी तरह खंडहरनुमा हो चुकी हो और जो भूत प्रेत की कहानियों और अफवाहों की वजह से सुनसान पड़ी हों। 

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इन खंडहरनुमा जगहों पर अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी ने डिलीवरी बॉयज कि टीम रहती थी। जो कन्साइनमेंट का आर्डर आते ही इसकी डिलीवरी के लिए 90 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से बाइक डिलीवरी के लिए निकल जाते थे। सभी लड़के बाइक भगाने में मास्टर हैं और उन्हें उनकी रफ़्तार के हिसाब से ही गैंग में जगह मिली है। ताकि पुलिस इन तेज रफ्तार बाईकर्स को ड्रग्स के साथ पकड़ न सके, ये लड़के अपने तेज रफ्तार और स्टंट के ज़रिये गलियों और छोटे रास्तों से भागने में निपुण थे। यही वजह थी ये जल्दी पुलिस के हाँथ नहीं लगते थे। 

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इस गिरोह के ज्यादातर कस्टमर कॉलेज के स्टूडेंट और हाई प्रोफाइल फॅमिली के बच्चों के साथ कई पब और प्राइवेट पार्टी ऑर्गनाइजेर भी हैं। जो पिज़्ज़ा डिलीवरी की तरह ऑन टाइम डिलीवरी की कॉर्पोरेट पोलिसी के चलते इस गिरोह से ही ड्रग्स लिया करते हैं। अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी का नाम इतना बड़ा हो चुका था कि ब्राउन शुगर,कोकीन से लेकर केटामाइन और एम.डी ड्रग्स का मुंबई का सबसे बड़ा सप्लायर बन चुका था।

इसी धंदे के ज़रिये अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी ने करोड़ो की संपत्ति कई  फ्लैट्स,कमर्शियल शॉप्स की लंबी चौड़ी प्रोपर्टी बना ली है। फिलहाल अब्दुल गनी उर्फ पापा बकरी 3 दिन की पुलिस कस्टडी में है। अब एन्टी नारकोटिक्स सेल इस सरगना के गैंग सहित उन लिंक्स को भी खंगालने में जुटी है जिनके जरिए अब्दुल गनी को ड्रग्स की पूरी खेप मुहैया कराई जाती थी।


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