प्यार, जेल, बच्चा और अब … !

इस नादान उम्र की नादानी कही जाए या जवानी की भूल। बात चाहे जो भी हो लेकिन अब इस जोड़े को अपने किये पर पछतावा है और अब वो अपना बच्चा वापस चाहता है। हर दरवाज़े पर दस्तक दे चुके हैं लेकिन कोई इनका सुनाने को तैयार नहीं है। मगर इन सब की सज़ा एक मासूम को मिल रही है को माँ बाप के रहते हुए भी वो आश्रम में पल रहा है। लेकिन ये पूरा मामला किसी फ़िल्मी कहानी से कम भी नहीं है।

क्या है मामला ? 

वसई में एक जोडा पूजा पांडे-शेख और चांद शेख अपने पांच महिने के मासूम को पाने के लिए संघर्ष कर रहा है संघर्ष। चार साल से इन दोनो के बीच प्रेम संबंध था, उसी दरमियान लड़की प्रेग्नेंट हो गई। लेकिन पूजा की उम्र उस वक्त पंद्रह साल थी और वो नाबालिग थी। समाज के डर से दोनों घर छोड़कर भाग गए लेकिन पुलिस का दबाव बढ़ा तो लौटकर आना पड़ा। जिसके बाद लड़की के परिवार की शिकायत पर लड़के को बलात्कार के आरोप में जेल भेज दिया गया। इस बीच पूजा ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन उसके परिवार और पुलिस के दबाव में बच्चा आश्रम पहुँच गया। 

लेकिन अब लड़की बालिग़ हो चुकी है और लड़का भी जेल से बहार आ चूका है। बहार आते ही दोनों ने फिर से शादी कर ली है और अब वो अपना बच्चा वापस चाहते हैं। मगर लाख कोशिश के बाद भी कोई उनका नहीं सुन रहा है। इसके लिए मानवाधिकार संघठन से लेकर चारों तरफ गुहार लगाई है, उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।  

अब मीडिया के माध्यम से दोनों सामने आये हैं और अपनी गलती मान रहे हैं। साथ उनका ये भी कहना है की उनकी नादानी की सज़ा एक मासूम को क्यों दी जा रही है। जब वो दुनिया में आया था तो वो नाबालिग थे मगर आज वो बालिग़ हैं और अपने बच्चे की देखभाल कर सकते हैं। ​ 

 


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