समुन्द्र के किनारे मिला घायल प्रवासी फ्लेमिंगो

पालघर के वसई बीच पर लेज़र फ्लेमिंगो नामक एक पक्षी पायी गयी है। लेसर फ्लेमिंगो नामक पक्षी दक्षिण अफ्रीका में अधिक दिखाई देता है। वसई बीच पर कुछ लोगों ने इस पक्षी को जख्मी हालत में पाया है। जिसकों एनजीओ कि मदद से लोगों उसे मुंबई के एनिमल अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया है। 

वसई गांव के कुछ लड़के समुन्द्र के किनारे घूमने के लिए गए हुए थे। तभी इन लोगों ने इस पक्षी को दूर से देखा तो कुछ कुत्ते पक्षी को काट रहे थे। तभी लड़के मौके पर पहुंचकर कुत्तों से इस पक्षी को आज़ाद कराया तो जाकर पक्षी कि जान बच पायी। लड़कों ने ठाणे के नेचर एंड इंवर्मेंट सोसाइटी नामक एनजीओ के हाथ इस पक्षी को सौप दिया। 

एनजीओ के चेयरमैन कि माने तो ये पक्षी दक्षिण अफ्रीका में अधिक मात्रा में पाए जाते है। और ये ज्यादा कर के जून महीने में दिखाई देते है। जहाँ भी जाते है झुण्ड में ही जाते है और दिखाई देते। कुछ साल पहले इनका जन्म भारत में हुआ है। ये पक्षी को गुजरात के कछ में भी देखा गया है। कुछ लोगों को ये पक्षी समुन्द्र के किनारे घायल अवस्थ में मिली है। वसई विरार महानगरपालिका के अस्पताल में जानवरों के कि सुविधा नहीं होने से हम इसे मुंबई के एनिमल अस्पताल में ले गए है। इसके पहले भी वसई बीच पर दो बड़े कछुए मिले थे जिनकी चौड़ाई तीन फ़ीट थी, वसई विरार मनपा के अस्पतालों में सुविधा ना होने से कछुवों का इलाज ठाणे मनपा के अस्पताल में करना पड़ा।   


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