सोनू निगम आप जैसे लोग देश बांटकर रहेंगे , ये अंधी भक्ति नहीं तो क्या है

देश को आज़ाद हुए करीब सत्तर साल होने को हैं और सोनू निगम की उम्र भी करीब साल की है लेकिन इन सालों में कभी भी मस्जिदों में होने वाले अज़ान से दिक्कत नहीं हुई होगी। लेकिन अब जैसे जैसे देश की राजनीति बदल रही है लोगों की सोंच भी बदलने लगी.एकता और अखंडता की बात करने वाले लोगों को मस्जिदों, मंदिरों और गुरुद्वारे में होने अज़ान और कीर्तन गुंडागर्दी लगने लगी है।

सुबह अचानक गायक सोनू निगम की आँख खुली और भगवान् का नाम लेने से पहले भगवन और अल्लाह को मानने वालों के लिए एक ट्वीट किया। अपने ट्वीट में सोनू ने लिखा की अजान से उनकी नींद में खलल पड़ता है। सोनू ने ट्वीट में लिखा, “भगवान सब को खुश रखे। मैं मुस्लिम नहीं हूं और मुझे अजान की वजह से सुबह उठना पड़ा। भारत में कब धर्म का थोपा जाना बंद होगा।”

वो यहीं नहीं रुकें उन्होंने चार और ट्वीट्स भी किये जिसमे लिखा की :

ये वही सोनू निगम हैं जिन्होंने अपने लड़खड़ाते कैरिएर को बचाने के लिए कवल्ली और नाथ खूब गया करते थे। माइक के सामने खड़े होकर अल्लाह वाले कलाम पढ़ा करते थे। लेकिन आज मस्जिद से आने वाली आवाज़ उन्हें गुंडागर्दी लगने लगी है।  ​

“मोहम्मद ने जब इस्लाम बनाया, तब उनके पास इलेक्ट्रिसिटी नहीं थी। फिर इतना शोरशराबा क्यों?”

सोनू ने मंदिरों और गुरुद्वारों में होने वाली सुबह की आरती और कीर्तन पर भी सवाल खड़े किए। और लिखा की , “मैं किसी भी मंदिर या गुरुद्वारे से इलेक्ट्रिसिटी के जरिए लोगों को जगाने में यकीन नहीं रखता।”

सोनू की नज़र में ये सब  “गुंडागर्दी है बस।”

सोनू निगम के इस ट्वीट ने विवाद छेड़ दिया है। खुद उनके फैंस ने भी उनकी इस हरकत पर उन्हें आड़े हाँथ लेना शुरू कर दिया है। लोग कह रहे हैं की सरे धर्मों का सम्मान करना चाहिए। हम एक डेमोक्रेटिक देश में रह रहे हैं। मैं मुस्लिम नहीं हूं। लेकिन यह जानता हूं कि यह भगवान को पुकारने का उनका तरीका है। यह विश्वास की बात है।”​


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