सुनिए मुंबई की बारिश की अनसुना दास्ताँ

मुंबई में मंगलवार के दिन हुई आफत की बारिश ने मुंबईकरों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया था। आफत की बारिश में कई लोग बुरी तरह फंस गए थे।कोई ट्रेन में फंसा था तो कोई ट्रैफ़िक में तो कोई अपने दफ्तर में और कई लोग बीच में ही फंस गए थे जिन्हे अपने घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा था। इस बारिश मै कई लोग लापता थे और कई लोगों की जान भी चली गई थी। इन सब मे एक चीज़ देखने को मिली वो है मुंबईकरों की जिंदादिली। जी हाँ लोगों की मुश्किल घडी मे मदद के कई हाथ सामने आए। कोई भूखे प्यासे फंसे लोगों के लिए नास्ता पानी बाँट रहा था। कोई उन्हें उनके घर तक पहुंचा रहा था तो कोई बीच सड़क पर खड़े होकर लोगों को मैनहोल दिखा रहा था। मुश्किल घडी में लोगों की मदद करने वालों में से एक है टैक्सी ड्राइवर। जिसने पैसों और समय की परवाह किए बगैर एक लड़की को उसके घर तक पहुँचाया।

मुंबई की रहने वाली शिखा चावला भारी बारिश में फंस गई थी। उन्होंने ने फेसबुक पोस्ट के जरिए एक टैक्सी ड्राइवर के जिंदादिली का जिक्र किया है। शिखा ने फेसबुक पर किए पोस्ट में लिखा है कि 29 अगस्त को दोपहर तीन बजे अपने दफ्तर से घर के लिए निकली थी। लेकिन भारी बरसात में उन्हें घर जाने के लिए कोई भी सादन नहीं मिल रहा था। बारिश में भीगते हुए उन्होंने बहुत ट्राई किया लेकिन ओला ना ऊबर ना कोई कैब या ऑटोवाला कोई भी उन्हें घर ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। तभी मुझे यानी सीखा को परेशान देख एक कैब ड्राइवर उनके पास आया और उन्हें घर छोड़ने की पेशकश की। कार की अगली सीट पर एक शख्स बैठा था। इसके बावजूद शिखा कार में बैठ गईं।  बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भरा हुआ था और चारों ओर भीषण जाम था। इस वजह से शिखा को घर पहुंचने में 5 घंटे लग गए।

ट्रैफिक में फंसने की जानकारी मिलने के बाद शिखा के परिजन परेशान लगातार उन्हें फोन कर रहे थे। इसपर ड्राइवर ने उनसे कहा कि, मैडम, घरवालों को बता दो आप ठीक-ठाक पहुंच जाओगी। मैं आपको किसी भी हाल में घर छोड़ कर रहूंगा। आप गाड़ी में सबसे सुरक्षित हो। “इसके बाद ड्राइवर शिखा को लेकर शाम 8:30 बजे उनके घर अंधेरी पहुंचा और उन्हें सही सलामत छोड़ वापस अपने घर गया।

कुछ इस अंदाज़ मै टैक्सी वाले को धन्यवाद देना चाहती है शिखा 

मुसीबत की घडी में फँसी शिखा की मदद करने वाले टैक्सी ड्राइवर को शिखा धन्यवाद देना चाहती है। लेकिन उनका धन्यवाद देने का तरीका बिलकुल ही अलग है। टैक्सी में शिखा को पता चला कि, उन्हें सही सलामत घर छोड़ने वाला ड्राइवर बांद्रा का रहने वाला है और उनके बगल में बैठा शख्स उनका रिलेटिव था। वह एक कंप्यूटर टीचर है और गांव से नौकरी की तलाश में मुंबई आया है। ड्राइवर को शुक्रिया अदा करने के लिए शिखा चाहती हैं कि उनके रिश्तेदार को एक अच्छी नौकरी मिल जाए। उन्होंने अपनी कहानी के साथ ड्राइवर के रिश्तेदार की डिटेल और फोन नंबर फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लोगों से उनकी हेल्प की अपील की है।


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