विवाद में नाम सामने आने के बाद डीआईजी स्वाति साठे जांच से हटी

महिला कैदी मंजुला शेट्ये हत्या के मामले में अब नया विवाद सामने आ गया है। महिला कैदी मंजुला शेट्ये हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच टीम तैयार की गयी थी। जिसकी ज़िम्मेदारी जेल डीआईजी स्वाति साठे को सौंपी गयी थी।लेकिन अब डीआईजी स्वाति साठे जांच से बहार हो गयी हैं।उन्होंने एक पत्र लिखकर खुद को जांच से बहार कर लिया है।अगर सूत्रों की मानें तो उनका इस तरह से जांच से बाहर होने की वजह कुछ और ही है।

सूत्र बताते हैं सरकार की तरफ से उनपर दबाव था की इससे पहले उन्हें हटाया जाए वो खुद इससे दूर हो जाएँ।अब इस पूरे मामले की जांच जेल आई जी राजवर्धन सिन्हा को सौंप दी गयी है। 

दरअसल इन सबकी वजह है खुद डीआईजी स्वाति साठे द्वारा गिरफ्तार जेलकर्मियों का समर्थन करना आरोपियों का समर्थन करना है।आरोप है की खुद जेल  डीआईजी स्वाति साठे ने जेलकर्मियों को बचाने के लिए एक मुहीम शुरू की थी।ये मुहीम सोशल मेसेजिंग ग्रुप पर शुरू किया गया था। लेकिन ये सब कुछ किसी ने लीक कर दिया जिसके बाद सरकार और जेल अधिकारियों पर इस बात का दबाव था की जो अधिकारी खुद उन्हें बचाने की मुहीम चला रहा था उसे ही जांच की ज़िम्मेदारी कैसे सौंपी गयी। whatsaap ग्रुप में स्वाति के इस पोस्ट के बाद निलंबित जेलर हिरालाल जाधव ने उनके ऊपर मामला दर्ज करवाया है।

महिला पुलिस अधिकारी स्वाति साठे ने whatsapp पर मैसेज कर आरोपियों का समर्थन किया। जिसके बाद वो विवादों में घिर गयीं थी। जिस दिन आरोपियों को गिरफ्तार किया उसी शाम को स्वाति साठे ने whatsapp ग्रुप पर मैसेज किया। महिला अधिकारी स्वाति साठे ने मैसेज किया की आज अपने आपको बहुत उदास और परेशान महसूस कर रही हु। हमने अपने साथी बहनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया 7 जुलाई तक उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया है , स्वाति ने आगे लिखा की अब तो मीडिया के कलेजे में ठंडक पड़ी होगी। 

इसके बाद स्वाति साठे ने whats aap ग्रुप पर मैसेज कर अपने अन्य साथी अधिकारियों से आरोपियों के लिए समर्थन मांग रही है। अधिकारियों ने जब इस मैसेज का जवाब नहीं दिया तो स्वाति साठे उनसे समर्थन के लिए अनुरोध कर रही है।


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