ये है #Elphinstone हादसे की 10 थ्योरी, हर दिन इस ब्रिज से गुजरते हैं 3 लाख लोग

शहर के दूसरे सबसे भीड़भाड़ वाले एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर बने फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर शुक्रवार सुबह भगदड़ मचने से 27 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 27 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है। 106 साल पहले 1911 में इस ‘एलफिंस्‍टन ब्रिज’ को बनाया गया था। इस ब्रिज के ऊपर से हर दिन 3 लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं। बता दें कि, वेस्‍टर्न रेलवे रूट पर बना एलफिंस्‍टन स्‍टेशन वर्ली, प्रभादेवी इलाके को लोकल ट्रेन से जोड़ता है। कुछ दिन पहले इस स्टेशन का नाम बदल कर ‘प्रभादेवी’ स्‍टेशन किया गया है। इस हादसे को लेकर चश्मदीदों के बयान के आधार पर अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही है। हादसे को लेकर अलग-अलग थ्योरी…

1) शॉर्ट सर्किट का धमाका
– पहली थ्योरी के मुताबिक, कुछ लोगों ने ब्रिज के एक हिस्से से चिंगारी को निकलते हुए देखा और आग लगने की बात कहते हुए भागने लगे। कुछ लोगों ने ब्रिज पर करंट फैलने की अफवाह भी सुनी थी।

2) ब्रिज ढहने की अफवाह
– कुछ चश्मदीदों के मुताबिक, उन्हें पहले ब्रिज के एक हिस्से के गिरने की बात पता चला और लोग ब्रिज से छलांग लगाने लगे।

3) 106 साल पुराना और दो स्टेशनों को जोड़ने के लिहाज से बेहद संकरा ब्रिज
– स्थानीय लोगों के मुताबिक, एलफिंस्‍टन और परेल स्‍टेशन के बीच ‘एलफिंस्‍टन ब्रिज’ एक कनेटिंग ब्रिज है, जो वेस्‍टर्न और सेंट्रल रेलवे के इन दो स्‍टेशनों को आपस में जोड़ता है। यह ब्रिज काफी संकरा है, जिस कारण यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

4) रेलवे की तरफ से कोई इंतजाम नहीं
– कई बार हुए हादसों के बावजूद एलफिंस्‍टन पर एक और ब्रिज बनाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन रेलवे ने लोगों की सुध नहीं ली।

5) ज्यादा भीड़ की वजह से हुआ हादसा
– हादसे को लेकर पुलिस के एडिशनल कमिश्नर एस जय कुमार ने बताया है कि, ब्रिज पर ज्यादा संख्या में लोगों के पहुंचने से यह भगदड़ हुई है।

6) – कई बड़ी कंपनियों का ऑफिस
– यहां कई बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और कई बड़े सरकारी ऑफिस हैं। यही कारण है की पीक ऑवर्स में दादर के बाद यहां सबसे ज्यादा भीड़ उतरती और चढ़ती है। एक आंकड़े के मुताबिक यहां 24 घंटे के दौरान 3 लाख से ज्यादा लोग ब्रिज पर आते-जाते हैं।

7) बारिश भी हो सकती है बड़ी वजह
– मुंबई में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए ज्यादातर लोग ब्रिज पर चढ़े हुए थे।

8) एक साथ चार ट्रेन स्टेशन पर पहुंची
– पीक ऑवर्स का टाइम होने के कारण एक साथ चार लोकल ट्रेन स्टेशन पर खाली हुईं थी। जिस कारण ब्रिज पर ज्यादा लोड बढ़ गया।

9) एक शख्स के गिरने के बाद मची भगदड़
– एक और चश्मदीद ने बताया कि, “बारिश की वजह से चारों ओर पानी फैला हुआ था। ब्रिज पर एक शख्स फिसला और उसके बाद हंगामा मच गया, जिसके बाद लोग यहां-वहां भागने लगे और कई लोग दब गए।”

10) हाकर्स का ब्रिज पर कब्जा
– एक और चश्मदीद का आरोप है कि, आधे से ज्यादा ब्रिज को हाकर्स लोगों ने कब्जा करके रखा हुआ है। यहां पब्लिक को चलने को जगह नहीं है और पुलिसवाले हफ्ता खाते हैं। ब्रिज पब्लिक के लिए है या धंधा करने वालों के लिए। हादसा तो होना ही था। रेलवे का ध्यान पब्लिक के लिए है ही नहीं।

देखें हादसे की तसवीरें

 

 

 

 


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