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फिल्म अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.आरोपी की पहचान जैकी बिश्नोई के तौर पर हुई है, जो सोपू ग्रुप से जुड़ा हुआ है. साथ ही पुलिस को आरोपी के मोबाइल में सलमान खान को धमकी देने वाली फोटो भी मिली है.

मिली जानकरी के मुताबिक पुलिस ने दोनों अ‍पराधियों को संदिग्‍ध मानते हुए कुछ दिनों पहले चैकिंग के दौरान रोका था. पूछताछ के दौरान पता चला कि कार चोरी की है और दोनों मादक पदार्थो की तस्‍करी करते हैं. साथ ही गाड़ियों की चोरी भी करते थे, लेकिन जब पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की तो पता चला कि दोनों में से एक आरोपी का नाम जैकी है जिसने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी.

दरअसल बीते दिनों जै‍की बिश्‍नोई नाम के एक शख्स ने  सोशल मीडिया सलमान खान को धमकी देते हुए लिखा था,’ ‘सोच ले सलमान, तू भारत के कानून से बच सकता है लेकिन बिश्‍नोई समाज और सोपू पार्टी के कानून ने तुझे मौत की सजा सुना दी है. सोपू की अदालत में तू दोषी है… मैं उसको सजा दूंगा.’ जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. भले ही पुलिस इस मामले को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के तौर पर देख रही है, लेकिन इस पोस्ट में बिश्‍नोई समाज और सोपू पार्टी के जिक्र ने एजंसियों के कान खड़े कर दिए थे.

दरअसल यह कोई पहला मामला नहीं है जब सलमान खान को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिली है. इसके पहले भी लॉरेंस विश्नोई ने सलमान खान को मारने की धमकी दी थी. लॉरेंस विश्नोई पर हत्या, लूट, रंगदारी, अवैध वसूली और जान से मारने की कोशिश सहित 50 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं. विश्नोई स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी नाम का एक संगठन चलाने वाला लॉरेंस विश्नोई पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आतंक का पर्याय बन चुका है.

लॉरेंस के पिता लविंद्र कुमार पंजाब पुलिस में कॉन्सटेबल रह चुके हैं. चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान उसने अपना छात्र संगठन सोपू बनाया और उसके बैनर तले स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा. लेकिन उदय सह के ग्रुप से चुनाव हार गया.इसके बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में फरवरी 2011 में एक दिन लॉरेंस उदय सह के ग्रुप से भिड गया और गोलियां चला दी. मामला पुलिस तक जा पहुंचा और लॉरेंस के नाम पर मुक़दमा भी दर्ज हुआ. जिसके बाद से लॉरेंस के नाम पर एक के बाद एक मुकदमें दर्ज होते गए.

साल 2015 में जब पंजाब पुलिस लॉरेंस को कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जा रही थी, तो वह फरार हो गया और नेपाल से उसने 60 लाख रुपये के विदेशी हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी. दरअसल वह गैंगस्टर रम्मी मशाना और हरियाणा जेल में बंद बठिंडा के हरगोबिंद सिंह ने बदला लेना चाहता था. जिन्होंने उसके मामा के बेटों की हत्या करवाई थी. लेकिन मार्च 2015 को वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अवैध वसूली, रंदगारी और लोगों को जान से मारने की धमकी देने के साथ ही हत्या की सुपारी भी लेने लगा.

ऐसे में साल  2017 में राजस्थान के जोधपुर के डॉक्टर चांडक और एक ट्रैवलर को मारने के लिए उसने 50 लाख की सुपारी ली और उनकी कार में आग लगवा दी . 30 अप्रैल साल 2017 को जोधपुर पुलिस लॉरेंस को प्रोडक्शन रिमांड पर जोधपुर ले गई. जोधपुर में आने के बाद भी लॉरेंस ने मोबाइल के जरिए वसूली और धमकी देना  जारी रखा. जेल प्रशासन ने उसे 23 जून को अजमेर की घूघरा घाटी हाई सिक्योरिटी जेल में भेज दिया. जहां लॉरेंस की मुलाकात आनंदपाल के गैंग से हुई और उसने गैंग में नई जान फूँक दी.

ऐसे में एक दिन जब लॉरेंस विश्नोई सुनवाई के दौरान राजस्थान के जोधपुर में पेशी के लिए पहुंचा तो मुकदमों से जुड़े एक सवाल के जवाब में न सिर्फ खुद को बेक़सूर बताया बल्कि पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए. उसका कहना था कि “पुलिस का क्या है. जो हाथ आ जाता है उस पर आरोप लगा देती है…आज मुझ पर आरोप लगाया है, कल कोई और पकड़ा जाएगा तो उस पर आरोप लगा देंगे. मैं तो एक स्टूडेंट हूं. मेरा आपराधिक मामलों से कोई लेना देना नहीं है. अपराध क्या होता है? यह तो जब सलमान खान को यही मारूंगा तो पता चलेगा”.

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