आखिर क्या ? किसान आप्पासाहेब को सरकार के कर्जमाफी पर भरोसा नहीं था

महाराष्ट्र सरकार ने कुछ ही दिन पहले राज्य में किसानों के कर्जमाफ़ी का एलान किया था। कर्जमाफी के एलान के बाद सरकार ने कई फैसलों पर यू टर्न भी लिया है।सरकार के बदलते फैसलों से लगता है की नाशिक के एक किसान आप्पासाहेब खंडेराव सरकार के कर्जमाफ़ी पर भरोसा नहीं था। वर्ना क्यों कर्जमाफी के फैसलों के बाद वो खुदखुशी करते।

नाशिक के चांदवड तालुका के किसान आप्पासाहेब खंडेराव जाधव ने बिजली के खम्बे पर चढ़कर हाई वोल्टेज तार को पकड़कर खुदखुशी कर ली है। आप्पासाहेब ने 2010 में खेतीबारी के लिए 50 हज़ार रूपए का लोन लिया था। उसका ब्याज लेकर कर्ज बढ़कर 79 हज़ार रूपए हो गया था। पिछले कुछ सालों से बारिश की बेरुखी, फसलों के उत्पादन में कमी और  बाजार में सही दाम ना मिलने से वो परेशान थे। आखिर ? बैंक से लिए गए कर्ज को कैसे भरे।

इसी बीच क़र्ज़ देने वाली सोसाइटी से उन्हें सम्पति जप्त करने का नोटिस आने लगा। अगर कर्ज नहीं चुकता किया गया तो उनकी सम्पति जब्त कर ली  जायेगी। जिससे परेशान रोकर किसान आप्पासाहेब खंडेराव जाधव ने खुदखुशी कर ली।