Maharashtra/Goa

ईमानदारी पड़ी महंगी, परेशान अधिकारी ने की ख़ुदकुशी

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एक अफसर जब भ्रष्टाचारियों के सामने नहीं झुका तो उसे पहले तो झूठे मामले में फंसाया गया और वो फिर भी नहीं माना तो उसपर ही भ्रष्टाचारी होने का ठप्पा लगा दिया. आखिरकार वो लड़ते लड़ते थक गया और उसने अपनी ही ज़िन्दगी ख़त्म ​कर ली. 

मामला सोलापुर का है जहाँ, सोलापुर महानगरपालिका में स्वास्थय विभाग के कर्मचारी संजय व्हतकर ने रेलवे के नीचे कुदकर अपनी जान दे दी है। लेकिन संजय व्हतकर ने मरने से पहले अपनी सुसाइड नोट में उन तमाम अधिकारियों का काला चिट्ठा भी लिखा है जिन्होंने उसे ये करने पर मजबूर किया। अपने सुसाइड नोट में साफतौर पर संजय ने लिखा है कि वो अपने सीनियर अधिकारी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। 

“कुछ लोग मुझसे वो सब करना चाहते थे जो मुझे गवारा नहीं था। मैंने पूरी कोशिश की उनसे लड़ने की लेकिन ये लोग बहुत ताकतवार लोग हैं।  जिनके इर्द गिर्द सत्ता से जुड़े लोगों के इलावा माफिया भी सक्रिय है। जिनके ज़रिये पद पर बैठकराधिकारियों ने लूट मचा रखी है, इनके खिलाफ कोई नहीं बोल सकता वर्ण उसका भी हश्र मेरे जैसा हो जाएगा”
 
पुलिस ने सुसाइड नोट के अधार पर मनपा अधिकारियों के ऊपर मामला दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट में मनपा के सीनियर अधिकारियों में सहायक आयुक्त अभिजीत हराले , सफाई अधीक्षक ए के आराध्य और निवृत अधीक्षक राजू सावंत इन तीन नामों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर इन तीनों अधिकारियों पर मामला दर्ज कर लिया है।

अब तक की जांच में जो बातें सामने आयीं हैं उसके मुताबिक,  कचरा संग्रह करने का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था। महानगरपालिका के कर्मचारी संघटन ने कचरा उठाने वाले निजी कंपनी का विरोध प्रदर्शन किया और आंदोलन भी किया था। कर्मचारी के दबाव के बाद कंपनी का ठेका दूसरे कंपनी को दे दिया गया था। जिसमे मनमाने तरीके से प्रबंध को मदद करने का दबाव संजय व्हतकर के ऊपर था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अधिकारी उसे ही परेशां करने लगे और तो और उस पर आरोप भी मढ़ दिए गए। इन सबसे परेशान संजय ने अपना जीवन समाप्त कर लिया।

कचरा संग्रह को ठेका देने के प्रक्रिया में संजय को भ्रष्टचार होने का शक था। इसीलिए वो किसी भी फ़ाइल पर सोच समझ कर साइन करते थे। संजय व्हतकर का ईमानदारी से काम करना वरिष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार के बीच रोड़ा बन रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों ने संजय से कहा था जहां बोलते हैं वहां उन्हें तुरंत साइन करना होगा। जब संजय से उन्हें सहयोग करने से इंकार किया तो वरिष्ठ अधिकारियों ने संजय को मानसिक रूप से परेशान करने लगे थे।

वही मनपा कर्मचारी संजय व्हतकर के घरवालों ने संजय का शव लेने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे है। वही सोलापुर पुलिस इस मामले की तफ्तीश करने में लग गयी है।

Rahul Pandey

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