जांच में दोषी पाया गया जेलर महिला कांस्टेबल का करता था यौन उत्पीड़न

कई महीनों से जांच कर रही कमिटी ने अपना फैसला सुना दिया है। जांच में पाया गया है की जेल का तत्कालीन जेलर हीरालाल जाधव जेल में ही तैनात एक का कई महीनों से यौन उत्पीड़न करता था। जांच में महिला कांस्टेबल के आरोप पूर्व जेलर हीरालाल जाधव के खिलाफ सही साबित हो गई है। मामले के लिए बनाई गई जांच कमेटी ने उसे दोषी पाया है। महिला कांस्टेबल की शिकायत के बाद आरोपी जेलर को सस्पेंड कर दिया गया था।

लेकिन आरोप जेलर हीरालाल जाधव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जाधव का कहना है की उसे जान बूझकर कुछ लोग फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। और इसके लिए 31 साल की महिला कांस्टेबल का इस्तेमाल किया जा रहा है। जेलर जाधव ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपो को ख़ारिज कर दिया है। हालांकि अब तक इस मामले में सरकार की तरफ से भी एक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।

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इसी साल ठाणे जेल में ही तैनात 31 साल की महिला कांस्टेबल ने जेलर हीरालाल जाधव पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला कांस्टेबल की तरफ से ये शिकायत सितंबर 2016 में की गई थी। अपनी शिकायत के साथ महिला ने जेलर द्वारा भेजे गए कई WhatsApp मेसेज और ऑडियो क्लिप्स भी पेश किया था। जिसमे तत्कालीन जेलर महिला कांस्टेबल के साथ काफी अभद्रता से बात कर रहा था। उसकी शिकायत पर जेलर जाधव को सस्पेंड कर खिलाफ एक जांच कमेटी गठित की गई थी। शिकायतकर्ता पीड़ित कांस्टेबल ने सबूत के तौर पर ये तमाम सुबूत जांच कमेटी के सामने भी पेश किया था। ऑडियो क्लिप्स साफ़ सुनाई देता है की जेलर जाधव लगातार पीड़िता को जेल से बाहर मिलने के लिए उस पर दबाव डाला करता था।

जांच कमेटी ने आरोपी जेलर के खिलाफ सील बंद रिपोर्ट जारी की है. जल्द ही रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को सौंप दिया जाएगा। जेलर हीरालाल जाधव अपने 20 साल के करियर में हमेशा ही विवादों में रहा है और अब तक चार बार सस्पेंड भी हुआ है।