Maharashtra/Goa

Lede India Impact अमरावती में पार्टी में घुसकर लोगों से मारपीट करने वाले चार पुलिस कर्मी निलंबित

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महाराष्ट्र के अमरावती में पुलिस का बेहद क्रूर चेहरा सामने आया था। जहाँ कुछ पुलिसवाले एक बर्थडे पार्टी में पहुंचे और पार्टी में मौजूद गेस्ट पर सिर्फ इसलिए डंडे और लात-घूसे बरसाने लगे क्योंकि उनकी पार्टी 10 बजे के बाद भी जारी थी। पुलिस वाले द्वार की गयी लोगों के पिटाई का वीडियो भी सामने आया था। और इसकी शिकायत अमरावती पुलिस कमिश्नर के पास भी की गयी थी. जिसके बाद उस वीडियो की जांच की गयी। जांच के बाद शुक्रवार को अमरावती पुलिस के कमिश्नर ने चार पुलिस वालों को ससपेंड कर दिया और 6 पुलिस वालों को लाइन हाज़िर किया।

 

अमरावती की रहने वाली ज्योति तिवारी नाम की महिला ने बताया है कि पिछले महीने 22 अक्टूबर को उनके बच्चे का बर्थडे था। जिसके लिए उन्होंने परिवार के इलावा अपने कई रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए एक पार्टी रखी थी। ये पार्टी अमरावती के फनलैंड पार्क में चल रही था। पार्टी अभी शुरू ही हुई थी कि रात करीब 9 बजकर 27 मिनट पर वहां गाडगे नगर थाने का एक पुलिस कॉन्स्टेबल संदीप चव्हाण आया।
वो सीधे डी.जे के पास गया और ये कहने लगा की अगर उसे पार्टी में डी जे बजाना है तो गाडगे नगर थाने के स्टाफ के लिए 5 हजार रुपए देने होंगे। पुलिस की इस धमकी के बाद डीजे ने उसे पैसे देने से इंकार कर दिया।
10 पुलिसवालों ने की पूरे परिवार की पिटाई
इसके बाद पुलिस कांस्टेबल संदीप चव्हाण वहां से चला गया। मगर रात 10:30 बजे वह फिर वापस आया और पार्टी बंद कराने का दबाव बनाने लगा। जब तिवारी परिवार ने इसका विरोध किया तो उसने वहां स्थानीय थाने के बाकी पुलिस वालों को भी वहां बुला लिया। ज्योति के मुताबिक, पुलिस स्टेशन से 10 पुलिसवाले वहां पहुंचे और पार्टी में मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। महिलाओं का लिहाज किए बिना उनपर भी लाठी बरसाने लगे। औरतों के साथ-साथ बच्चों को भी चोट आई है। इसके बाद पुलिसवालों का मन नहीं भरा तो वे परिवार के कुछ सदस्यों को पुलिस स्टेशन ले गए और वहां लॉकअप में बंद कर बुरी तरह से पीटा।
वीडियो सामने आने के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस वालों की क्रूरता का वीडियो पार्टी वाली जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। परिवार वालों ने इस वीडियो के सहारे आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ अमरावती कमिश्नर को कंप्लेंट दी। इसके बाद वीडियो की जांच की गई और घटना के तकरीबन 20 दिन बाद आरोपी पुलिस कर्मियों में से 4 को सस्पेंड और 6 को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

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