पुणे में जब बीच सड़क पर जलने लगी चिता खामोश देखते रहे लोग

लोगों ने अबतक कई चिताओं को जलते देखा होगा पर शमशान के अंदर। लेकिन क्या कभी बीच सड़क जलती हुई चिता देखी है ? क्या कभी लोगों को किसी का अंतिम संस्कार बीच सड़क पर करते हुए देखा है। अगर नही देखा होगा तो हम आपको बताने जा रहे ऐसी ही एक चिता के बारे में जो शुक्रवार के दोपहर को बीच सड़क पर जलाई गई है। अगर आप ये सोच रहे है कि बीच सड़क पर चिता इस लिए जलाई गई होगी कि मृतक के घर वालों के पास अंतिम संस्कार करने के लिए पैसा नही होगा तो आपकी ये गलत सोच रहे है।

महाराष्ट्र के पिंपरी के गवारवाडी एक बस्ती उस बस्ती में करीब 100 के आस पास घर है।उसी बस्ती के रहने वाले परमेश्वर गवारे 33 शुक्रवार की सुबह उनका देहांत हो गया था। जहां उनका घर था वहां से शमशान की दूरी करीब 6 किलोमीटर थी। शमशान की दूरी जानकर लगता यही है, 6 किलोमीटर की दूरी ज्यादा नही थी। पार्थिव शरीर को गाड़ी या एम्बुलेंस डालकर ले जाया जा सकता था। पर मृतक के परिजन और लोगों ने ऐसा नही किया। उनका बीच सड़क पर इस तरह परमेश्वर गवारे का अंतिम संस्कार करने के पीछे सिर्फ एक ही मकसद था। सिर्फ और सिर्फ प्रशासन का विरोध करना था।

अब आप के जहनज़ेहन में एक ख्याल जरूर आया होगा कि क्या लोगों को प्रशाशन के खिलाफ विरोध करने का उनके पास यही एक तरीका था।

तो हम आपको बताने जा रहे कि आखिर लोगों ने क्यों बीच सड़क पर परमेश्वर गवारे का अंतिम संस्कार किया। जिस सड़क पर परमेश्वर गवारे का अंतिम संस्कार किया गया था। कुछ वर्षों पहले वहा पर एक शमशान घाट था। वही से कुछ दूर अंदर की और एक आईटी कंपनी का निर्माण किया गया था। उस कंपनी तक पहुँचने के लिए एक सड़क की जरूरत थी। इसलिए सरकार ने शमशान घाट को तोड़वा डाला और वहां पर लंबी चौड़ी सड़क बना दी। शमशान को तुड़वाने के बाद 2007 में प्रशासन ने वही से कुछ ही दूरी पर शमशान बनाने के लिए जमीन दी। लेकिन कुछ लोगों के विरोध के चलते,वहां अब तक शमशान भूमि नही बनाई गई है।

पिंपरी के गवारवाडी 100 घरों की बस्ती के बगल में ही एक नई सोसाइटी बनकर तैयार हुई है। जिसमे करीब 6000 के आसपास घर है। इसके लिए लोग अब यहां काफी दिनों से एक शमशान भूमि बनाने की मांग कर रहे है। लेकिन यहां पर अबतक शमशान भूमि नही बनाई गई है। इसके लिए लोगों ने स्थानीय विधायक , एमआईडीसी , और कई अधिकारियों को पत्र लिखकर और उनसे मिलकर मृतकों के अंतिम संस्कार करने के लिए शमशान भूमि की मांग की थी। लेकिन 10 साल बीत जाने  के बावजूद अभी तक यहां पर शमशान भूमि नही बनाई गई है।जिससे नाराज लोगों ने प्रशाशन का विरोध करते हुए उसी जगह बीच सड़क पर चिता जलाने लगे है। जहां पहले शमशान भूमि थी। जानकारी के मुताबिक प्रशासन के विरोध में अबतक लोगों ने इस सड़क पर 30 से 35 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुके है।