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महाराष्ट्र बीजेपी के संकल्प पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने की मांग जब सामने आई तो कांग्रेस ने इसका विरोध करने में बिल्कुल देर नहीं लगाई. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि अब इस देश को भगवान ही बचाए.

महाराष्ट्र बीजेपी के संकल्प पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने के वादे ने राजनीतिक बयानबाजी को हवा दे दी है. बीजेपी के संकल्प पत्र में यह वादा शामिल किए जाने के बाद कांग्रेस ने तुरंत इसका विरोध किया, लेकिन अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने याद दिलाया है कि कांग्रेस की सरकार पहले सावरकर के नाम से पोस्टल स्टाम्प जारी कर चुकी है. इसके अलावा मनमोहन सिंह ने एनआरसी का समर्थन करते हुए उसकी खामी गिनाई और बैंकिंग सिस्टम पर अपनी सरकार की गलती स्वीकारते हुए मौजूदा सरकार से जवाब मांगा.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वीर सावरकर को भारत रत्न की मांग पर अपनी राय रखी. मनमोहन सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के लिए पोस्टल स्टाम्प (डाक टिकट) जारी किया था. हालांकि, मनमोहन सिंह ने इसके बाद यह भी कहा कि हम हिंदुत्व की उस विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं, जिसके पक्षधर वीर सावरकर थे.

कांग्रेस प्रवक्ता ने दिया था ये बयान

मनमोहन सिंह का यह बयान काफी चौंकाने वाला है, क्योंकि 15 अक्टूबर को जब मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के संकल्प पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने की मांग शामिल की गई तो कांग्रेस ने इसका विरोध करने में बिल्कुल देर नहीं लगाई. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए वीर सावरकर को आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ा था. साथ ही तिवारी ने यह भी दावा किया कि कपूर आयोग ने भी जांच की थी और हाल ही में एक लेख में यह दावा किया गया था कि आयोग ने सावरकर को जिम्मेदार माना था. अब इस देश को भगवान ही बचाए.

यानी सावरकर को भारत रत्न सम्मान की मांग पर एक तरफ जहां कांग्रेस देश को भगवान बचाए जैसे बयान दे रही थी, वहीं कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने यह दावा कर दिया है कि इंदिरा गांधी ने सावरकर के लिए पोस्टल स्टाम्प जारी किया था.

प्रियंका चतुर्वेदी ने किया ट्वीट

शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बयानबाजी के बीच एक ट्वीट किया है. इस ट्वीट में प्रियंका ने एक लेटर जारी किया है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय का है. इस पत्र पर 20 मई, 1980 की तारीख है और बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्ताक्षर हैं. लेटर में वीर सावरकर की जमकर तारीफ की गई है.

NRC पर भी बोले मनमोहन सिंह

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ( NRC) पर भी अपनी राय रखी. मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं एनआरसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन एनआरसी पर हमारा कानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है. मनमोहन सिंह ने कहा कि एनआरसी के संदर्भ में मानवता का पक्ष नहीं भूलना चाहिए.

कबूली अपनी सरकार की गलती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बैंकिंग सिस्टम को लेकर लगाए गए आरोप पर मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के राज में जो हुआ वह हुआ, कुछ कमजोरियां थी, लेकिन इस सरकार को हमारी कमजोरियों से सीखकर अर्थव्यवस्था की समस्याओं से निपटना चाहिए. यानी मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार की खामियों को स्वीकारते हुए मोदी सरकार से जवाब मांगा.

इन मसलों के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार को घेरा. साथ ही आरएसएस को भी निशाने पर लिया. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की आजादी के लिए जो संघर्ष हुआ, उसमें आरएसएस शामिल नहीं था, ऐसे में उन्हें देशभक्ति का प्रमाण पत्र नहीं देना चाहिए.

बता दें कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. इसी के मद्देनजर देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में मनमोहन सिंह एक कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर मोदी और राज्य की फडणवीस सरकार को फेल करार दिया.

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