0

महाराष्ट्र के मराठा आंदोलन कि आग एक बार फिर फैलने लगी है, एक तरफ परभणी में आंदोलन ने हिंसक रूप धारण कर लिया। तो वहीँ मराठा आरक्षण की मांग को लेकर औरंगाबाद जिले के गंगापुर तहसील के कानड़ गाव के रहनेवाले काकासाहेब शिंदे ने गोदावरी नदी में कूद कर की आत्महत्या कर ली। उसकी मांग थी कि जल्द से जल्द मराठा समाज को आरक्षण मिले।

जानकारी के मुताबिक औरंगाबाद के गंगापुर तहसील के पास आज मराठा आंदोलन के नाम पर लोगों ने सड़क जाम किया था इसी बीच आंदोलन में शामिल काकासाहेब शिंदे वहां से उठा और उसने नदी में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिया प्रशासन ने काफी कोशिश कि लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन कि आग फैलती ही जा रही है। परभणी में आंदोलनकारियों ने एक सरकारी बस को आग के हवाले कर दिया और कई बसों पर पथराव किया है। इसमें कई यात्री घायल भी हुए हैं। सभी को परभणी जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। इस हिंसा के बाद दो दर्जन से ज्यादा आंदोलनकारियोंको पुलिस ने हिरासत में लिया है। महाराष्ट्र में मराठा समुदाय सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण सहित कई मांगों को लेकर दो दिन से आंदोलन कर रहा है। यह पहली बार है जब मराठा समाज के लोगों ने इस तरह का हिंसक आंदोलन किया है।

jagdish panchal

42 घंटे में मुंबई पुलिस ने सुलझाई 48 लाख के लूट कि गुत्थी, 9 गिरफ्तार

Previous article

इतना बदल गई है ये एक्ट्रेस ! क्या आप इन्हें पहचानते हैं ? सालों बाद देश लौटी है

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.