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11 साल के मासूम के लिए झूला बना फंदा

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खेल खेल मे ही एक झूला मासूम बच्चे के लिए फांसी का फंदा बन गया। बच्चा झूले में झूल रहा था कि तभी गोल गोल घुमने से झूले की रस्सी गले मे ही गोल घुमकर उलझ गई और मासूम के लिए फांसी का फंदा बना दिया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गयी ये दिल दहला देने वाली घटना नालासोपारा का है। जहाँ ग्यारहा साल का मयूर की जान घर के झुले ने ले ली है। और इस पूरे हादसे की गवाह बनी उसकी बारह साल की बड़ी बहन।

परिवार के मुताबिक़ मयूर अपनी बड़ी बहन के साथ घर में ही खेल रहा था। हादसे के वक़्त दोनों घर में दोनों अकेले थे।

पुलिस के मुताबिक़, यशोदा वाघेला अपने पति से हुई अनबन के बाद दो बच्चो के साथ नालासोपारा में अपने भाई के पास रहती थी। यशोदा कांदीवली के निजी हस्पताल में काम करती है। और उनके भाई भी मुंबई के निजी कंपनी में काम करते है। दोनो काम के लिए सुबह ही निकल जाते थे और बच्चे, घर में  रहते थे। यशोदा ने अपने बच्चो के खेलने के लिए। घर में हॉल में ही रॉड को दिवार पर सामने-सामने लगाकर घरके चदर से झुला बनाया दिया था। ताकि बच्चे घर में अकेले खेलते रहे हैं और कहीं इधर उधर न जाएँ।

सोमवार के दोपहर साढे चार से पाच बजे के दरमियान जब दोनो खेल रहे थे। और मयूर यह घर के झुले में झुल रहा था। तभी अचानक झुले ने करवट बदली और झुला  मयूर के लिए फॉंसी का फंदा बन गया। बहन निशा न बहुत कोशिश की लेकिन चादर कुछ इस तरह से मयूर के गले से लिप्त की वो छुड़ा नहीं पायी

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