Mumbai

113 नॉट आउट ! बहाल हुआ ये इंस्पेक्टर जिसके नाम से ही खौफ खाते हैं अपराधी

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मुंबई पुलिस के इस इंस्पेक्टर को लोग उसके नाम से ज़्यादा उनके नंबर से याद रखते हैं। जो उन्होंने अब तक अपराधियों को मुठभेड़ में मार कर पूरा किया है। 113 नॉट आउट, जी हाँ यही आंकड़ा है मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का जिन्हें अब सेवा में बहाल कर दिया गया है। प्रदीप शर्मा की  बहाली बतौर ACP डीजीपी महाराष्ट्र ऑफिस में हुई है। और जल्द ही उन्हें थाने के एंटी एक्सटॉर्शन सेल का भार सौंपा जा सकता है। शर्मा को साल 2009 में लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ़्तार किया गया था। लेकिन बाद में उन्हें अदालत ने बरी कर दिया था। 

प्रदीप शर्मा लखन भैया के फ़र्ज़ी एनकाउंटर में शामिल होने का आरोप था, जिसके बाद सरकार ने पुलिस डिपार्टमेंट से बर्खास्त कर दिया था। लेकिन सेशन कोर्ट अदालत ने शर्मा को लखन भइया फर्जी एनकाउंटर केस में  बरी कर दिया था। मगर फिर भी शर्मा की बहाली नहीं की गई थी। साल जनवरी 2010 में प्रदीप शर्मा सहित कुल 21 पुलिकर्मियों की  लखन भैय्या मामले में गिरफ्तारी हुई थी। जिनमें 13 लोगों को 2013 को एनकाउंटर में फ़र्ज़ी तरीके से शामिल होने के आरोप में सज़ा सुनाई गयी थी जबकि शर्मा बरी कर दिए गए थे।

इससे पहले साल 2008 में भी शर्मा को अंडरवर्ल्ड के साथ सांठगांठ के आरोपम में बर्खास्त कर दिया गया था। वो इसके खिलाफ मैट में गए थे और 10 महीने तक चली सुनवाई में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। लिहाजा अदालत ने उन्हें नौकरी पर बहाल करने का आदेश दे दिया था। प्रदीप शर्मा टाइम्स मैगज़ीन के फ्रंट पेज पर भी अपनी जगह बना चुके हैं। उन्हें 112 एनकाउंटर, अंडरवर्ल्ड के गुर्गों का सफाया,गैंगवार पर रोक, दाऊद और राजन गिरोह में खौफ की वजह और अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम के कवर पेज पर जगह मिली थी। लेकिन उसके बाद से शर्मा विवादों में आते रहे और लगातार डिपार्टमेंट से अंदर बहार होते रहे हैं। 

एक वक़्त था, जब एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के नाम से पूरा अंडरवर्ल्ड कांपता था। यही नहीं इस रियल लाइफ हीरो के नाम एनकाउंटर का शतक भी है। प्रदीप शर्मा ने अपनी पहचान तब बनाई थी जब मुंबई में अंडरवर्ल्ड अपने चरम पर था। दाउद इब्राहिम, छोटा राजन जैसे नामी अपराधी पुलिस की हिट लिस्ट में थे। 

1983 बैच के अफसर है शर्मा 

सैंकड़ो एनकाउंटर अपने नाम करने वाले स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने वर्ष 1983 में बतौर सब इंस्पेक्टर मुंबई पुलिस ज्वाइन की। उनकी पहली पोस्टिंग मुंबई के माहिम पुलिस थाने में हुई थी। फिर कई सालों तक उन्होंने स्पेशल ब्रांच में काम किया। उन्हें घाटकोपर और जुहू पुलिस स्टेशन जैसे थानों में भी पोस्टिंग रही। जब शर्मा को घाटकोपर भेजा जा रहा था तब कोई अफसर वहां जाना नहीं चाहता था पूरे घाटकोपर इलाके में अंडरवर्ल्ड ने क़हर बरपा रखा था, तभी शर्मा यूनिट 7 कि ज़िम्मेदारी लेकर वहां पहुंचे और देखते ही देखते अपराधियों ने उस इलाके से किनारा कर लिया।

इस एनकाउंटर ने मशहूर किया 

पहली बार शर्मा तब चर्चा में आये जब उन्होंने, बतौर वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में रहते हुए गैंगस्टर विनोद मटकर को एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बाद शर्मा रुके नहीं और एक के बाद एक अपनी यूनिट के साथ मिलकर डी गैंग और राजन के कई पारधियों को मार गिराया था। इनमे सबसे अहम् थे परवेज सिद्दीकी, रफीक डब्बावाला, सादिक कालिया जैसे नामी बदमाश। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदीप शर्मा को तब वाहवाही मिली जब उन्होंने मुंबई को दहलाने की साजिश रचने वाले लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों का एनकाउंटर किया।

Irfan Siddiqui

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