Mumbai

तीन महीना, तीन हादसा ,75 लोगों की मौत

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लगता है कि साल  2017 देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए काल बनकर आई है। पिछले तीन महीनों में मुंबई में तीन बड़े हादसों ने मुंबईकरों को पूरी तरह हिला के रख दिया है। पहले घाटकोपर बिल्डिंग हादसा फिर हुसैनी बिल्डिंग हादसा और अब एलफिंस्टन स्टेशन के ब्रिज पर भगदड़। इन तीन बड़े हादसों में तकरीबन 75 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई है।

इन हादसों मे किसी ने अपने माँ,बाप, भाई,बहन को खोया तो किसी ने अपने बच्चों को खोया तो किसी ने अपना पूरा परिवार खोया। लेकिन यहां बड़ा सवाल ये है कि आखिर कब तक लोग ऐसे हादसों में अपनी जान गवाएंगे और कब तक इसी तरह अपने परिवार को खोएंगे। क्या इन हादसों को रोका नही जा सकता है ? आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है ? क्या प्रशासन के लिए लोगों की जान मायने नही रखती?

आमतौर पर हर हादसे के नेताओं और सरकार की तरफ से वही घिसे पिटे बयान सामंने आते हैं. दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को सरकार मुआवज़ा देगी. मुआवज़े और  सहानभूति के बीच अक्सर अहम सवाल दबकर रह जाते हैं.  अगर वक़्त रहते सरकार और प्रशासन चेत जाता तो इतनी जानें नहीं जाती. तीन महीनों में मुंबई तीन बड़े हादसे हुए हैं और तीनों में प्रशासनिक लापरवाही सामने आयी है. ऐसे में उन दोषियों के खिलाफ सीधी कारवाही क्यों नहीं हो रही है जो 75 मौतों के ज़िम्मेदार हैं.

मुंबई में पिछले तीन बड़े हादसे

1) घाटकोपर बिल्डिंग हादसा

मुंबई के घाटकोपर के दामोदर पार्क में 25 जून के दिन 4 मंजिल इमारत पूरी तरह ज़मींदोज़ हो गयी थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गयी थी। और 25 से ज्यादा ज़ख़्मी हो गए थे। इस हादसे में शिवसेना के पदाधिकारी सुनील शीतप पर बिल्डिंग के पिलर से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। ज़मींदोज़ हुई साई सिद्धि इमारत 35 साल पुरानी बताई जा रही थी।

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2) हुसैनी बिल्डिंग हादसा

शहर के भायखला में 100 साल पुरानी हुसैनी इमारत पिछले महीने गिर गयी थी। इस हादसे ने 34 लोगों की जान ले ली थी और 30 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए थे। इमारत को खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन उसके बावजूद लोग बिल्डिंग में रह रहे थे।

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3) एलफिंस्टन में भगदड़

29 सितंबर सुबह का वक़्त था। लोग अपने घरों से रोजी रोटी के लिए अपने दफ्तर की और का रूख कर रहे थे। बारिश की वजह से लोग एलफिंस्टन के फुट ओवर ब्रिज पर रुक गए। बारिश से बचने के लिए ब्रिज पर लोगों की भीड़ बढ़ती गयी। तभी लोगों को तीन शब्द सुनाई दिए ” भागो ब्रिज गिर रही है” बस इन्ही शब्दों को सुनने के बाद एलफिंस्टन पर भगदड़ मच गई और देखते ही देखते एलफिंस्टन स्टेशन पर लाशें बिछ गई। इस हादसे ने 22 लोगों की जिंदगियों की निगल लिया.

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