अंजलि दमानिया के खुलासे के बाद जांच के आदेश

पूर्व आप नेता अंजलि दमानिया के ​ जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप के बाद अब सरकार और जेल प्रशासन दोनों ​ बैकफुट पर नज़र आ रही ​ है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) भूषण कुमार उपाध्याय ने इस पूरे मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) के मुताबिक़, अब तक उनके संघ्यान में ऐसी कोई शिकायत नहीं आयी थी। अगर कहीं भी जेल नियम के खिलाफ कोई काम किया गया होगा, तो दोषियों के खिलाफ ज़रूर कार्यवाही होगी। 

दमानिया ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) भूषण कुमार उपाध्याय को पत्र लिखकर बताया था कि छगन भुजबल और उनके भतीजे समीर भुजबल को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। अंजलि का आरोप था कि भुजबल के लिए जेल में ख़ास व्यस्था कि गई। जेल में उनके लिए टी वी तक का इंतज़ाम किया गया है। भुजबल के साथ बंदी जैसा व्यव्हार नहीं होता बल्कि खाने में उन्हें चिकन मसाला और पीने के लिए वोडका पहुँचाया जा रहा है। 

अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है की, आर्थर रोड जेल में उनके लिए गेस्ट हॉउस जैसा इंतज़ाम किया गया है। छगन भुजबल जेल के अंदर रहते हुए हिंदी फिल्मों का मज़ा ले रहे हैं। अंजलि दमानिया का आरोप है कि छगन भुजबल को जो नारियल पानी दिया जाता है वो नारियल पानी नहीं उसमें वोडका और शराब होता है।

दमानिया का दावा है कि उनको ये जानकारी “जेल के कर्मचारियों से ही मिली है, उन्होंने ही बताया है कि जेल में कैसे भुजबल आलीशान ज़िन्दगी जी रहे हैं।”  महाराष्ट्र सदन घोटाले को सामने लाने में दमानिया कि अहम् भूमिका रही है