सीबीआई ने अदालत में कहा अबू सलेम के लिए सजा मौत से कम नहीं होनी चाहिए

मुंबई हुए 93 बम धमाकों में दोषी पाए गए अबू सलेम और रियाज़ सिद्दीकी के लिए आज सीबीआई ने कोर्ट से  आजीवन कारावास सजा की मांग की है। सीबीआई ने कोर्ट से कहा की जो गुनाह अबू सलेम ने की है उसके लिए फांसी की सज़ा भी कम पड़ेगी। लेकिन वो मजबूर हैं, अबू सलेम की फांसी की सज़ा में पुर्तग़ाल के साथ की गई ट्रीटी रोड़ा बन रही है। जिसके वजह से उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। इस लिए उसे कम से कम आजीवन कारावास की सजा दी जाए। वही अबू सलेम के वकील ने कोर्ट में कहा कि जब अबू सलेम को फांसी की सजा नहीं दे सकते है। तभी भी सीबीआई अबू सलेम के लिए फांसी का जिक्र कोर्ट में बार बार क्यों कर रही है।   

ये भी पढ़ें :​

अदालत में ख़ूब गिड़गिड़ाया फ़िरोज़ – बोला फाँसी नहीं उम्र क़ैद दो

दरअसल जब पुर्तग़ाल ने अबू सलेम को भारत के हाथ सौंपा था तभी पुर्तग़ाल ने भारत के साथ एक समझौता किया था। समझौते के मुताबिक भारत अबू सलेम को फांसी की सजा नहीं दे सकता है। उसे ज्यादा से ज्यादा 25 वर्ष का कैद की सजा दे सकते है। 

पिछले महीने 16 जून को मुंबई के टाडा कोर्ट ने अबूसलेम सहित ६ आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद कोर्ट में दोषियों के सजा के लिए बहस की शुरुवात हुई। इसके पहले सीबीआई ने बम धमाकों में दोषी अबू सालेम को छोड़कर पांच आरोपियों के लिए कोर्ट से फांसी की सजा का मांग की थी। जिसमे एक दोषी मुस्तफा डोसा का कुछ दिन पहले दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गयी। 

सीबीआई ने मंगलवार को सभी 93 बम धमाको के 6 दोषियो के लिए  अपनी दलील खत्म कर ली । बुधवार को अबु सलेम के वकील उसे कम से कम सजा दिए जाने के लिए जिरह शुरू करेंगे।