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EXCLUSIVE:सामने आई महाराष्ट्र में किसानों की एक और गंभीर समस्या

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क्या देश मे किसान होना कोई गुनाह है ? अगर नही तो आखिर देश मे आज किसानों की इतनी बुरी दशा क्यों है ? आखिर क्यों हमारे देश के किसान मरने पर मजबूर है?  क़र्ज़ और ख़ुदकुशी से तो पहले से ही किसान परेशान हैं और आज किसानों की मौजूदा हालात देखकर महाराष्ट्र में किसान के लड़के से कोई शादी के लिए तैयार नही है। 
 
देश मे किसानों की मौजूदा स्थिति देखकर कुछ ऐसा ही लग रहा है कि देश मे किसान बनना सबसे बड़ा गुनाह है।देश भूखा ना मरे इसके लिए किसान सुबह से लेकर शाम तक कड़ी धूप में पसीना बहाते है। लेकिन बारिश की बेरुखी की वजह से उनके हाथ निरासा ही लगती है। कभी बरसात के वजह से उनकी फसल बर्बाद हो जाती है तो ,कभी फसलों के कम उत्पादन से उन्हें घाटे का सामना करना पड़ता है,और तो और बाज़ार में सही दाम नही मिलने से कभी कभी खेती में लगाई हुई पूंजी भी उनके हाथ नही आती है। जिसके बाद उन्हें अगली फसल के लिए बैंक से कर्ज लेना पड़ता है। लेकिन फसल में उत्पादन की कमी और बाजार में सही दाम नही मिलने से वो बैंक का कर्ज तक नही भर सकते। उसके बाद बैंक वालों के रोज रोज के तगादे परेशान होकर देश को भूखा मरने से बचाने वाले किसान मजबूर होकर खुद मरते है।
 
 
वहीं सरकार और राजनीतिक पार्टियां के लिए किसान एक गरम तावे की तरह है। जब चाहे अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने लगते है। उसके बाद उन्हें ठंडे पानी मे डाल देते है। लेकिन शायद वो ये भूल रहे है कि जो वो देश को आर्थिक तौर पर मजबुत होने का ढिंढोरा पिट रहे है, इसमें किसानों का बहुत बड़ा योगदान है। क्योंकि देश मे 60 प्रतिशत लोगों का ओहदा खेती ही है। जिसकी वजह से भारत की आर्थिक स्थिति थोड़ी बहुत मजबूत है। देश भर में खुदखुशी करने वाले किसानों में से 90 प्रतिशत किसान जो खुदखुसी करते है वो महाराष्ट्र से है। लेकिन महाराष्ट्र के किसानों की केवल यही एक परेशानी नही है। 
 
आज महाराष्ट्र में  किसानों की ये हालत देखकर कोई भी लड़की का पिता अपनी बेटी की शादी किसी भी किसान के बेटे से नही करा रहे है। कोई भी लड़की का पिता अपनी बेटी का हाथ किसी किसान के बेटे के हाथ मे देने से पहले दस बार सोच रहे है कि भविष्य में महाराष्ट्र के किसानों की यही दशा रही तो उनकी बेटी आगे चलकर विधवा ना हो जाए।
 
महाराष्ट्र के कई जिलों में एक सामाजिक संस्था ने किसानों को लेकर एक सर्वे किया है। उस सर्वे से किसानों को लेकर जो बात सामने आ रही है। वो काफी चिंताजनक है। महाराष्ट्र में किसानों कि एक ही समस्या नहीं है उनकी अन्य समस्या पर गौर करना जरुरी है। सामाजिक संस्था द्वारा किये गए सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र में करीब 3000 हज़ार से अधिक किसानों के सामने नई समस्या उत्पन हो गयी है। वो समस्या ये है कि आज सिर्फ और सिर्फ किसान होने के नाते उनके बेटे के साथ कोई भी लड़की का पिता अपनी बेटी कि शादी नहीं करना चाहता है।
 
लड़की और लड़की के पिता का साफ कहना है कि शादी के लिए उन्हें खेती करने वाला लड़का नहीं चाहिए , उन्हें नौकरी करने वाला लड़का चाहिए। चाहे  क्यों ना वो किसी छोटे कंपनी में झाड़ू मारने का काम करता हो वो उन्हें  चलेगा। लेकिन उन्हें खेती करने वाला और किसान का लड़का नहीं चाहिए।
 
ऐसी समस्या उत्पन होने के बाद गाओं में लड़के शहर की और रुख कर रहे है, ताकि उन्हें कोई भी छोटी मोटी नौकरी मिल सके। सामाजिक संस्था ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला समेत सोलापुर , पुणे जिले के कुल 45 गावों में ये सर्वे किया है। जिसमे पता चला है की 3000 हज़ार से अधिक किसानों  के बेटों की  शादी नहीं हो पा रही  है।
 
जिसमे सोलापुर और पुणे के 10 गावों में 319 किसान के बेटों की शादी लटक गयी है।3000 हज़ार से अधिक युवकों में 25 से 30 साल के 2294  युवकों की शादी रुकी है तो 31 से 41 साल के 774 के युवकों की शादी लटकी पड़ी है।
Rahul Pandey

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