हिंदू राष्ट्र का सपना, मोहन भगवत ही कर सकते हैं

अगर देश को पूर्ण हिन्दू राष्ट्र बनाना है तो आर एस एस प्रमुख मोहन भगवत को उम्मीदवार बनाया जाए। उनसे बेहतर दूसरा विकल्प नहीं हो सकता, ये ब्यान है केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना का। यानी ये क़यास लगाया जा सकता है की शिवसेना ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए से अलग रास्ते जा सकती  है।

शिव सेना सांसद के मुताबिक़ उनकी पार्टी बार बार भगवत के नाम की सिफारिश करते रहेंगे। एक भगवत ही हैं जो पूर्ण हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा करने में सक्षम हैं। मोहन भागवत से बेहतर कोई उम्मीदवार नहीं है। ऐसा पहली बार नहीं है की इस तरह से शिवसेना ने आखरी वक़्त पर एनडीए से अलग जाकर वोट किया हो

सेना के इस ब्यान के बाद एनडीए का गणित बिगड़ सकता है। राष्ट्रपति चुनाव के हिसाब से इस वक़्त शिवसेना के पास 18 सांसद और 63 विधायकों के वोट हैं। 
पहले भी शिवसेना ने 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को शर्मिंदा कर दिया था। पार्टी ने प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर दिया था जबकि भाजपा ने पीए सांगमा के साथ थी। साल 2007 में भी शिवसेना ने राजग के राष्ट्रपति प्रत्याशी भैरोंसिंह शेखावत को नजरअंदाज करते हुए कांग्रेस नेता प्रतिभा पाटिल को मत दिया था।