बस एक हाँथ दूर थी मौत ..

विनोद लक्ष्मण चंदनशिवे ने सोंचा भी न था की ट्रेन से उतरना उनकी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने वाली है। लेकिन तभी आरपीएफ कांस्टेबल उनके लिए फरिश्ता बनकर आया और उनके बेहद करीब आ चुकी मौत से उन्हें छीनकर वापस ले आया। बुधवार को विनोद अपने बच्चों के साथ सफर कर रहे थे, इसी बीच परेल रेलवे स्टेशन पर वो अपने बच्चों के लिए डोसा लेने उतरे थे। उन्होंने अपने बच्चों के लिए डोसा और चटनी पैक करवा भी लिया था तभी ट्रेन चल पड़ी। ट्रेन चलता देख वो दौड़ कर उसे पकड़ने के लिए भागे, तब तक ट्रेन ने भी रफ्तार पकड़ ली। वो ट्रैन के गेट तक पहुँच भी गए थे तभी एक हादसा हुआ, ट्रेन में दौड़ कर चढ़ने के चक्कर में उनकी चटनी की थैली ट्रेन के गेट पर फट गई।

देखा आपने क्या हुआ ? चटनी के पैकेट फाड़ते ही ज़मीन पर गिरा और उनका एक उनका एक पैर चटनी पर पड़ा और वे फिसल गए। फिसले भी ऐसे के सीधे चलती ट्रैन के अंदर आ गए। वो तकरीबन ट्रेन के अंदर जा चुके थे तभी, विनोद को ट्रेन के बीच में फंसा देख प्लेटफार्म नंबर तीन पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ हेड कांस्टेबल वी.एस तावड़े और मनोज प्रसाद बिना कुछ सोंचे उनकी तरफ भागे। दोनों ने तेजी दिखाई और सीधा विनोद का हाथ पकड़ उन्हें खींच लिया। हालांकि कुछ दूर तक विनोद ट्रेन के साथ घसटाते रहे लेकिन फिर भी उन्हें मामूली चोट आई है।

ये पूरी घटन बुधवार को सुबह 8 बजे परेल रेलवे स्टेशन पर हुआ यह खतरनाक एक्सीडेंट प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।