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Video : जख्मी को पहुँचाया अस्पताल तो पुलिस ने लगाई फटकार,जांच के आदेश

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अगर कोई घायल अवस्था में सड़क या रेल पटरी के किनारे पड़ा तड़पता हो और कोई उसकी मदद कर दे तो इसमें गुनाह क्या है ? बीते रविवार को मुंबई के चर्नी रोड रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति घायल अवस्था में काफी समय तक पड़ा रहा। वहां से आने जाने वाले लोग घायल व्यक्ति को देखकर आगे बढ़ जाते थे। लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। लोगों को डर था कि पुलिस के बिना उसे हाथ लगाया तो वो पुलिस के जांच के दायरे में आ जाएंगे। अंत में हुआ भी वही। घायल पड़े व्यक्ति की मदद करने वाले शख्स से ही पुलिस पूछताछ करने लगी और उसे अपने साथ ले जाने कि बात कहने लगी। पुलिस द्वारा किये गए इस तरह के बर्ताव का वीडियो भी सामने आया है।

चर्नी रोड रेलवे स्टेशन से अपने घर कि और जा रहे श्रवण तिवारी नामक युवक की नज़र घायल पड़े व्यक्ति पर पड़ी। श्रवण तिवारी उस व्यक्ति के पास गए उसे पलटकर कर देखा तो उसके सर और नाक से खून बह रहा था। व्यक्ति की हालत नाज़ुक थी। उसे तुरंत इलाज की जरुरत थी। जब काफी समय तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो श्रवण ने खुद कुछ लोगों की मदद से पास में स्थित सैफी अस्पताल में इलाज के लिए उसे भर्ती कराया और उसकी सुचना व्यक्ति के घरवालों को दी। अस्पताल में चालीस मिनट तक चले इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे खतरे से बाहर बताया और कहा कि उपचार में पांच मिनट भी देरी होती तो उसके जान को खतरा हो जाता।

इन सब में सबसे हैरान करने वाला रवैया पुलिस का था।” अस्पताल में पहुंची पुलिस श्रवण तिवारी से पूछ ताछ करने लगी। पुलिस श्रवण से कहने लगी कि तुम उसके पास क्यों गए ? बिना पुलिस के आए उसे हाथ क्यों और कैसे लगाया ? उसे अस्पताल में क्यों लाया? पुलिस का इंतज़ार क्यों नहीं किया ? आरपीएफ वाले वहां पर आने वाले ही थे। श्रवण से इस तरह का सवाल करने के बाद पुलिस उसे अपने साथ ले जाने कि बात कहने लगी “। जिसे लेकर पुलिस कांस्टेबल और श्रवण के बीच कहा सुनी भी हो गई। वहां पर मौजूद अन्य लोगों ने इसे कैमरे में कैद कर लिया।

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि घायल व्यक्ति का इलाज करना जरुरी है। अगर कोई भी घायल व्यक्ति कि मदद करता है और उसे अस्पताल में पहुँचता है। तो पुलिस उसे जांच के दायरे में ना घसीटे और ना ही उससे इन्क्वायरी करे। उसके बावजूद इस तरह का मामला सामने आया है। वही वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले के जांच का आदेश दिया है।

Rahul Pandey

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