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पकडे गए ISI एजेंट्स की पूछताछ में कई बड़े खुलासे

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यूपी एटीएस और महाराष्ट्र एटीएस के जॉइंट ऑपरेशन में फैज़ाबाद और मुंबई से पकडे गए पाकिस्तानी जासूसों से हुई पूछताछ के बाद कई अहम् खुलासे हुए हैं। यूपी से गिरफ्तार आफताब अली ने पूछताछ में बताया है कि, पहली बार वो पकिस्तान जाने के लिए दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी दूतावास गया था।

जहाँ उसका वीसा फ़ार्म तीन बार रिजेक्ट किया गया, मगर चौथी बार अप्लाई करने पर दिल्ली में आफताब की मुलाक़ात दूतावास में मेहरबान अली नाम के शख्स से हुई। उसने ही उससे उनके लिए काम करने का ऑफर किया था। मेहरबान अली ने उससे कहा था कि तुम मेरे लिए काम करो मैं तुम्‍हे पाकिस्‍तान का
वीसा दिला दूंगा।

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उसके बाद से ही वो उनके लिए काम करने लगा और बदले में उसे लाखों रूपये भी दिए गए। जिसके बाद मेहरबान अली के कहने पर आफताब ने फ़ैजाबाद के आर्मी कैंटोनमेंट व् सेना का वीडियो और फोटो मेहरबान अली को भेजा जिसके बाद इसे वीसा दे दिया गया।

पूछताछ में आफताब ने बताया कि, 1 मई 2014 को पहली बार आफताब वाघा बार्डर के रास्ते लाहौर पाकिस्‍तान गया। फिर पाकिस्‍तान के कराची में स्थित  ग्रीन टाउन में वो अपने नानी के घर तीन महीने रहा। इसी दौरान वहां उससे आईएसआई एजेंट मेहरबान अली के कहने पर मिलने आये। फिर वहीँ उसे
जासूसी की ट्रेनिंग दी गयी।

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तीन महीने कि ट्रेनिंग के बाद आफताब  29 नवम्‍बर 2014 को भारत वापस आया और यहाँ आकर मेहरबान अली से मिला। आफताब एक बार फिर 08 मई 2016 में फिर अटारी बार्डर से कराची पाकिस्‍तान गया था और फिर से ट्रेनिंग ली जिसके बाद 28 जून 2016 को वापस भारत आया। पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि इस दौरान वो पाकिस्‍तान हाई कमीशन में तैनात कई अफसरों के सम्‍पर्क में रहा है। कमीशन में मौजूद ये लोग आई एस आई एजेंट्स हैं जो यहाँ मौजूद जासूसों से काम करवाते हैं।

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आफ़ताबा ने बताया है कि, उसे ख़ास तौर पर भारतीय सेना से जुडी जानकारी इकठ्ठा करने का काम सौंपा गया था। वो फ़ोन पर आर्मी की गतिविधियों के बारे में बात करता था I सेना की मूवमेण्ट ख़ास तौर पर फैजाबाद और लखनऊ कब और कहाँ हो रही इसकी जानकारी जुटाता था। वो बटालियनों की नियुक्ति,ट्रेन द्वारा जा रहे सेना के रेजिमेण्ट के जाने का समय व तारीख  व अमृतसर में सेना के पलटन की संख्या एवं राज्य की जानकारी , कोडवर्ड की भाषा में  WHATSAPP और  ईमेल के जरिये भेजा करता था।

एटीएस ने  25 जनवरी 2017 को लखनऊ, हरदोई तथा सीतापुर में अवैध सिमबाक्‍स चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। आफताब कि जानकारी वहीँ से सामने आयी थी जिसके बाद से ही आफताब का नंबर सर्विलांस पर था

 

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