LIVE: यौन शोषण मामले में राम रहीम दोषी करार, 28 को सुनाई जाएगी सजा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम शुक्रवार को 2 बजे पंचकूला पहुंचे। करीब 2.30 बजे वे सीबीआई कोर्ट पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल 7 लोग कोर्ट के भीतर मौजूद हैं। इनमें दो पुलिस अधिकारी हैं और डेरा सच्चा सौदा के कुछ लोग भी मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि राम रहीम हाथ जोड़कर कोर्ट में खड़े हैं और कोर्ट ने प्रोसीडिंग शुरू कर दी है। इस बीच हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कोई भी फैसला आए, उसपर अमल किया जाएगा। खट्टर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अपडेट्स…
– राम रहीम पंचकूला कोर्ट में पेश होने के लिए सड़क मार्ग से निकले थे। उनके काफिले की तीन गाड़ियां कैथल के नरवाना में टकरा गईं।
– दरअसल छह गाड़ियां काफिले में शामिल हो रही थीं, जिसमें से तीन आपस में टकरा गई। काफिले में 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं।
– बाबा की गाड़ियां जैसे ही डेरे से निकलीं, कई भक्त उनकी गाड़ियों के आगे लेट गए, लोगों ने उन्हें आगे से हटाया। इसके बाद डेरे से काफिला रवाना हुआ।
– सिरसा से राम रहीम के रवाना होने के बाद उनके कई भक्त रो रहे थे तो कई बेहोश हो गए। शुक्रवार को जम्मू से पंजाब जाने वाली सभी ट्रेनों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है।
– पंचकूला में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आर्मी के हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है।
– कैथल में राम रहीम के समर्थकों ने करीब 40 मिनट तक काफिले को रोके रखा। वे सड़क पर लेट गए और सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
– राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में धारा 144 लगा दी गई है और 48 घंटे के लिए इंटरनेट सर्विस भी बंद कर दी गई है। बता दें कि श्रीगंगानगर में राम रहीम का जन्म हुआ है।
– सिरसा में गुरुवार रात से ही कर्फ्यू है और सिक्युरिटी डिप्लॉय की गई है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 72 घंटों के लिए इंटरनेट, डाटा सर्विस सस्पेंड कर दी गई है। रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान जाने वाली 74 ट्रेनों को रद्द कर दिया। रोडवेज ने कई रूट्स की बसें बंद कर दीं।
हाईकोर्ट ने कहा- हालात बिगड़े तो सेना को सीधा निर्देश देंगे
– हालात से निपटने के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह से बात कर सेना बुला ली है। सिक्युरिटी फोर्सेस ने पंचकूला में देर रात सपोर्ट्स को सड़कों से खदेड़ा गया। लाउडस्पीकर पर उन्हें पंचकूला छोड़ने के लिए कहा गया। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
– हाईकोर्ट में पंजाब की कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका के चलते एक पिटीशन दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से भी सवाल-जवाब किए।
– HC ने हरियाणा सरकार से पूछा, “पंचकूला में हजारों डेरा समर्थक कैसे पहुंचे? सरकार लॉ एंड ऑर्डर मामले को लेकर नाकामयाब नजर आ रही है। लापरवाही के लिए क्यों न हरियाणा के डीजीपी सस्पेंड कर दिया जाए?”
– “हम तीन दिन से देख रहे हैं कि वहां क्या चल रहा है। केंद्र जरूरी कदम उठाए, वरना हम आर्मी को निर्देश देंगे।” हाईकोर्ट की इस टिप्पणी पर केंद्र ने भरोसा दिलाया कि सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।” वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- जरूरत पड़ने पर यहां भी कुछ जगहों पर कर्फ्यू लगाया जा सकता है।
क्यों न पुलिस को हटाकर सेना की तैनाती कर दें?
– HC ने कहा- जाट आंदोलन जैसे हालात न पैदा हों। हरियाणा सरकार सख्त कदम उठाए। सरकार हालात से निपटने के लिए सक्षम नहीं है तो क्यों न पुलिस को हटाकर सेना की तैनाती कर दी जाए?
– कोर्ट ने यूनियन होम सेक्रेटरी को भी एक्शन लेने को कहा। कोर्ट ने आईबी को भी राज्य सरकार को इनपुट देने के निर्देश दिए हैं।
जरूरत पड़ी तो आर्मी बुलाएंगे- हरियाणा सरकार
– डेरा सपोर्टर्स के जमा होने और लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने कहा- सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
– चीफ सेक्रेटरी राम निवास ने कहा, “हमने सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेस की 53 कंपनियां तैनात की हैं। हरियाणा पुलिस के 50 हजार जवान तैनात हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो आर्मी को बुलाएंगे।”
हम कोर्ट जरूर जाएंगे- राम रहीम
– इस बीच, गुरुवार को राम रहीम ने फेसबुक पेज पर लिखा, “हमने सदा कानून का सम्मान किया है। हालांकि, हमारी पीठ में दर्द है, फिर भी कानून का पालन करते हुए हम कोर्ट जरूर जाएंगे। हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है। सभी शान्ति बनाए रखें।”
1948 में शुरू हुआ था डेरा सच्चा सौदा
– डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। फिर शाह सतनाम महाराज बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंपी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के हैं।
क्या है मामला
अप्रैल 2002ः पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को एक साध्वी ने शिकायत भेजी।
मई 2002: लेटर के फैक्ट्स की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को साैंपा गया।
दिसंबर 2002: सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया।
दिसंबर 2003: सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।
जुलाई 2007: सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं।
अगस्त 2008: ट्रायल शुरू हुआ और डेरा मुखी के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
2011 से 2016: लंबा ट्रायल चला। डेरा मुखी की ओर से अपीलें दायर हुईं।
जुलाई 2016: केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
जून 2017: डेरा प्रमुख ने विदेश जाने के लिए अपील दायर की तो कोर्ट ने रोक लगा दी।
25 जुलाई 2017: कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।
17 अगस्त 2017: बहस खत्म हुई और अब 25 अगस्त को फैसला आना है।